अयोध्या। सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी को लेकर भानवी सिंह के खिलाफ दायर परिवाद को अदालत ने खारिज कर दिया है। न्यायालय ने सुनवाई के बाद कहा कि परिवादी का इस मामले में कोई विधिक अधिकार (लोकस स्टैंडी) नहीं बनता।
भानवी सिंह के अधिवक्ता देवेश तिवारी
18 सितंबर 2025 को भानवी सिंह ने अपने पति रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक टिप्पणी की थी। इसे आधार बनाते हुए जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के प्रदेश महासचिव राणा अजय सिंह ने अयोध्या न्यायालय में परिवाद दाखिल किया था। उनका आरोप था कि उक्त टिप्पणी से उनकी तथा पार्टी की प्रतिष्ठा को क्षति पहुंची है।
मामले की सुनवाई के दौरान भानवी सिंह की ओर से अधिवक्ता देवेश तिवारी ने पक्ष रखा। उन्होंने अदालत को बताया कि संबंधित टिप्पणी केवल राजा भैया के संदर्भ में थी, किसी राजनीतिक दल या उसके पदाधिकारियों के विरुद्ध नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि मानहानि के मामलों में वही व्यक्ति शिकायत दर्ज करा सकता है, जिसके खिलाफ टिप्पणी की गई हो। दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने माना कि परिवादी का इस मामले में कोई सीधा संबंध नहीं है, इसलिए उनका परिवाद स्वीकार्य नहीं है। अदालत ने परिवाद खारिज कर दिया।