अयोध्या। दसवें दीपोत्सव में इस बार रामनगरी अयोध्या की पांच सौ वर्षों की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक यात्रा को जीवंत रूप में प्रस्तुत करने की तैयारी है। संस्कृति विभाग की ओर से रामकथा पार्क में विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमें वर्ष 1500 ईस्वी से लेकर वर्तमान समय तक अयोध्या में हुए महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को दर्शाया जाएगा। श्रीराम मंदिर आंदोलन के इतिहास, उसके पुरोधाओं के योगदान और मंदिर निर्माण से लेकर आधुनिक अयोध्या के विकास तक की पूरी यात्रा प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे।
प्रदर्शनी में श्रीराम मंदिर आंदोलन के प्रमुख पुरोधाओं के योगदान को अभिनय आधारित प्रस्तुतियों के माध्यम से दिखाया जाएगा। इसके जरिए दर्शकों को आंदोलन के महत्वपूर्ण पड़ावों, उससे जुड़े व्यक्तित्वों और मंदिर निर्माण के संघर्ष की कहानी से रूबरू कराया जाएगा। ऐतिहासिक घटनाओं को अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत करने की योजना है, जिससे नई पीढ़ी भी अयोध्या के इतिहास और मंदिर आंदोलन की पृष्ठभूमि को समझ सके।
इतिहासकेपन्नोंसेवर्तमानअयोध्यातककासफर
प्रदर्शनी में वर्ष 1500 ईस्वी से लेकर आधुनिक अयोध्या तक की यात्रा को क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा। रामनगरी के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व से जुड़े प्रसंगों के साथ श्रीराम मंदिर आंदोलन के विभिन्न चरणों को स्थान दिया जाएगा। मंदिर निर्माण की प्रक्रिया, मंदिर परिसर के विस्तार और वर्तमान भव्य स्वरूप की झलक भी देखने को मिलेगी। इसके साथ ही अयोध्या में सड़कों, आवागमन, पर्यटन और जनसुविधाओं के क्षेत्र में हुए बदलावों को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
विरासतकेसाथविकासकीतस्वीरभीहोगीखास
प्रदर्शनी में अयोध्या की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और वर्तमान विकास कार्यों को एक साथ प्रस्तुत किया जाएगा। एक ओर रामनगरी के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को दर्शाया जाएगा तो दूसरी ओर शहर में विकसित हो रहे आधुनिक आधारभूत ढांचे की तस्वीर दिखाई जाएगी। इसका उद्देश्य अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान और बदलते स्वरूप को देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों तक पहुंचाना है।
नईपीढ़ीकोइतिहाससेजोड़नेकीपहल
दीपोत्सव के सांस्कृतिक आयोजनों के बीच रामकथा पार्क की यह प्रदर्शनी विशेष आकर्षण होगी। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और युवाओं को इसके माध्यम से अयोध्या के इतिहास, श्रीराम मंदिर आंदोलन और सांस्कृतिक विरासत को जानने का अवसर मिलेगा। अभिनय आधारित प्रस्तुतियां ऐतिहासिक घटनाओं को प्रभावशाली तरीके से सामने रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
अयोध्या अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान के सलाहकार एवं विशेष कार्याधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि दसवें दीपोत्सव में अयोध्या की ऐतिहासिक यात्रा को व्यापक स्वरूप में प्रस्तुत करने की योजना है। संस्कृति विभाग की ओर से रामकथा पार्क में लगाई जाने वाली प्रदर्शनी में 1500 ईस्वी से लेकर वर्तमान समय तक के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि श्रीराम मंदिर आंदोलन के महान पुरोधाओं के योगदान को अभिनय के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। मंदिर निर्माण से लेकर परिसर के विकास और अयोध्या के बदलते स्वरूप तक की पूरी गाथा एक ही स्थान पर दिखाने का प्रयास होगा। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ देश-दुनिया से आने वाले लोगों को रामनगरी के इतिहास और विकास से परिचित कराना है।