◆ हॉस्पिटल की डायलिसिस सेवाओं में भी हुआ बड़ा विस्तार
लखनऊ। टेन्डर पाम सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में नेफ्रोलॉजी, किडनी ट्रांसप्लांट और डायलिसिस विभाग की एक वर्षीय सफल यात्रा का उत्सव मनाया गया। बीते एक वर्ष में इस विभाग ने किडनी देखभाल के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज की हैं, जिससे यह प्रदेश का एक प्रमुख चिकित्सा केंद्र बनकर उभरा है।
नेफ्रोलॉजी और रीनल ट्रांसप्लांट विभाग का नेतृत्व डॉ. (कर्नल) अरुण कुमार, डॉ. शहज़ाद आलम, डॉ. फिरोज मोहम्मद खान और डॉ. नेहल अग्रवाल कर रहे हैं। इनकी अगुवाई में विभाग ने कई जटिल मामलों में सफलता प्राप्त की है।
डॉ. शहज़ाद आलम ने बताया कि पिछले 12 महीनों में हॉस्पिटल में 68 किडनी ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किए गए, जो पूर्व औसत 16 प्रतिवर्ष की तुलना में 400 प्रतिशत की वृद्धि है। इसी दौरान डायलिसिस सेशन्स की संख्या भी 350-400 से बढ़कर 1000 से अधिक हो गई, यानी 250 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। संक्रमण नियंत्रण के मामले में भी हॉस्पिटल ने सेंट्रल लाइन इन्फेक्शन दर को शून्य बनाए रखा है। उन्होंने बताया कि डायलिसिस यूनिट में उच्च स्तरीय जल गुणवत्ता, बेहतरीन स्पेस अनुपात और मरीजों की निजता का विशेष ध्यान रखा गया है। साथ ही, गंभीर मरीजों के लिए ब्त्त्ज् और प्लास्माफेरेसिस जैसी अत्याधुनिक सेवाएं शुरू की गई हैं। उन्होंने कहा कि, यह सफलता टीम वर्क, मजबूत प्रोटोकॉल और मरीजों के विश्वास का परिणाम है। हमारा लक्ष्य किडनी देखभाल में राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता हासिल करना है।
हॉस्पिटल अब हर महीने 30 से अधिक इंट्रावस्क्युलर प्रोसीजर्स व बड़ी संख्या में रीनल बायोप्सी भी कर रहा है, जिससे मरीजों को सटीक व व्यक्तिगत इलाज मिल रहा है।
टेन्डर पाम हॉस्पिटल ने यह मील का पत्थर पार करते हुए उत्तर प्रदेश में एक अग्रणी और विश्वसनीय किडनी देखभाल केंद्र के रूप में अपनी पहचान और मजबूत कर ली है।