अयोध्या। मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट में जिला स्तरीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वारा पिछली बैठक की अनुपालन आख्या प्रस्तुत करते हुए वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 की तृतीय तिमाही तक विभागीय कार्यों का विस्तृत ब्यौरा रखा गया।
बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2600 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया, जिसमें 466 छापों के दौरान 600 खाद्य नमूने संग्रहित किए गए। जांच में 330 नमूने मानक के विपरीत पाए गए। इस अवधि में 432 वाद न्यायालय में दाखिल किए गए, जिनमें 325 मामलों का निस्तारण करते हुए कुल 86.63 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया तथा एक प्रकरण में छह माह की सजा सुनाई गई। वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में नवंबर 2025 तक 1581 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 522 नमूने लिए गए, जिनमें 151 नमूने अमानक पाए गए और 52.39 लाख रुपये का अर्थदंड अधिरोपित कराया गया।
बैठक में जानकारी दी गई कि जनपद में एक स्ट्रीट फूड हब संचालित है, जबकि दो अन्य प्रक्रियाधीन हैं। प्रयुक्त कुकिंग ऑयल के पुनः उपयोग पर रोक लगाने को लेकर खाद्य कारोबारियों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए। सीडीओ ने हाइजेनिक रेटिंग प्रमाण पत्र होटल के मुख्य द्वार एवं रिसेप्शन पर अनिवार्य रूप से लगाने तथा एक वर्ष से अधिक लंबित आरसी का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने निर्देशित किया कि पिछले एक वर्ष में असुरक्षित पाए गए खाद्य पदार्थों से जुड़े प्रतिष्ठानों को बंद किया जाए। फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स के माध्यम से अस्पतालों, विद्यालयों और प्रमुख बाजारों के आसपास खाद्य जांच तेज करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में क्रिसमस व नववर्ष को देखते हुए विशेष अभियान के तहत लिए गए नमूनों की जानकारी भी दी गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी, व्यापारिक एवं उपभोक्ता संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।