अयोध्या। बसंत ऋतु का आगमन केवल मौसम में बदलाव नहीं, बल्कि मन और मस्तिष्क के लिए प्राकृतिक उपचार का संदेश लेकर आता है। शीत ऋतु में होने वाले भावनात्मक विकारों जैसे उदासी, निराशा, चिड़चिड़ापन, अनिद्रा या अतिनिद्रा, अनमनापन, मूड स्विंग, थकान और भूख में बदलाव से निजात दिलाने में बसंत ऋतु महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह बातें जिला चिकित्सालय के मनोपरामर्शदाता डॉ. आलोक मनदर्शन ने बसंत पंचमी पर्व पर आयोजित मनोप्रभाव विषयक वार्ता में कहीं।
मनो परामर्शदाता, जिला चिकित्सालय अयोध्या
