जैतपुर,अंबेडकर नगर। ब्लांक भियांव अन्तर्गत जैतपुर ग्राम सभा में आयोजित कार्यक्रम में महाराष्ट्र से आए धम्म विशेषज्ञ भंते उपाली उमेश बाबू ने गलत ज्ञान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि गलत पढ़ना अनपढ़ होने से ज्यादा खतरनाक है।
वे जैतपुर गांव में आयोजित 31 सामाजिक परिवर्तन दिवस समारोह को सम्बोधित कर रहे थे।कहा कि बिना परखे किसी की बात नहीं मानना चाहिए। ऐसा कहने वाले महात्मा बुद्ध के नाम के आगे अल्पज्ञानियों ने भगवान जोड़ दिया। यही नहीं बाबा साहब द्वारा अंग्रेजी में लिखी गयी पुस्तक बुद्धा एंड हिज धम्मा का हिंदी में अनुवाद करके उसमें भी मिलावट कर दी गयी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाषा के साथ तत्व नहीं बदलता, लेकिन मिलावट कर लोगों ने बहुत उलट-पुलट कर डाली है। अब उसे खत्म करने के लिए धम्म पाठशाला चलाई जा रही है।
कार्यक्रम का संचालन संस्कृति कर्मी मुन्नीलाल मुनिवर ने किया।जगजीवन राम बौद्ध द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बसपा नेता दिलीप कुमार विमल,रामनयन निर्दोष, डॉ दयाराम राजभर,डॉ प्रदीप कुमार शास्त्री,अमिता अंबेडकर सहित तमाम लोगों ने सामाजिक परिवर्तन के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया।वक्ताओं ने समाज में व्याप्त असमानता, भेदभाव और कुरीतियों को दूर करने पर जोर देते हुए शिक्षा और संगठन की अहम भूमिका को रेखांकित किया। कहा कि जब तक समाज का हर वर्ग शिक्षित और जागरूक नहीं होगा, तब तक वास्तविक परिवर्तन संभव नहीं है।
मौके पर सुनील सावंत गौतम, राम अदालत अध्यक्ष, अनिल कुमार, अंश कुमार गौतम, फूलचंद, हरिकेश, सौरभ, रंजीत, तिलकधारी गौतम, अनिल वर्मा, बच्चा राम वर्मा, राजबहादुर, समीर चौधरी, हरिराम गौतम, विजय बहादुर गौतम सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
पत्रकारों सहित दर्जनों को किया सम्मानित
सामाजिक समरसता दिवस समारोह के मंच से आयोजकों ने कई पत्रकारों समेत दर्जनों लोगों को सम्मानित किया। इस मौके पर उन्हें माला पहनाकर अंग वस्त्र भी भेंट किया। कहा कि अतिथियों का सम्मान करना प्राचीन संस्कृति में प्रमुख रहा है। जिसका पालन करना उनकी जिम्मेदारी है।
गरीब बच्चों को दी पाठ्य सामग्री
इंद्रावती देवी महिला सेवा संस्थान की ओर से संस्था प्रमुख डॉ प्रदीप कुमार शास्त्री ने सैकड़ो बच्चों को लेखन और पाठन सामग्री वितरित किया।कहा कि संस्था का उद्देश्य तमाम गरीब और निरीह परिवारों के बच्चों को पढ़ाई में सहयोग करना है। जिसके तहत समय-समय पर उन्हें ज़रूरी सामग्री दी जाती है। इसी क्रम में आज यह वितरण किया गया है।