अयोध्या। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अनुश्रवण समिति ने जनपद के राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) एवं राजकीय महिला शरणालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान समिति ने आश्रय गृहों में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया और वहां निरुद्ध किशोरों से शिक्षा, भोजन एवं स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
निरीक्षण दल में अपर जिला जज एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट-प्रथम तथा अनुश्रवण समिति की अध्यक्ष निरूपमा विक्रम, अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन)-द्वितीय एवं प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण स्वर्णमाला सिंह तथा प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड एवं समिति सदस्य प्रद्युम्न सिंह शामिल रहे।
राजकीय सम्प्रेक्षण गृह में सहायक अधीक्षक नमन गुप्ता एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। समिति ने किशोरों से बातचीत कर भोजन, स्वास्थ्य और शिक्षा की जानकारी ली। किशोरों ने बताया कि उन्हें नियमित रूप से पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है तथा विभिन्न विषयों की पढ़ाई के लिए शिक्षक भी संस्था में उपस्थित रहते हैं।
निरीक्षण के दौरान राजकीय सम्प्रेक्षण गृह परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस अवसर पर समिति के सदस्यों एवं संस्थान के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पौधरोपण किया।
प्रभारी सचिव स्वर्णमाला सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने फलदार, औषधीय एवं छायादार पौधों का अधिक से अधिक रोपण एवं संरक्षण करने पर बल देते हुए कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य देने की दिशा में प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व भी है।