Home Ayodhya/Ambedkar Nagar अयोध्या शीत ऋतु में बढ़ता है मौसमी मनोविकार – डा मनदर्शन

शीत ऋतु में बढ़ता है मौसमी मनोविकार – डा मनदर्शन

0

अयोध्या। शीत ऋतु के दौरान तापमान में लगातार गिरावट, कोहरे और धुंध भरे मौसम का असर लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। इस मौसम में सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर (एसएडी) या विंटर डिप्रेशन के मामलों में वृद्धि देखी जाती है। इसे लेकर चिरंजीव नर्सिंग इंस्टीट्यूट में मौसमी मनोविकार जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला में जिला चिकित्सालय के मनोपरामर्शदाता डॉ. आलोक मनदर्शन ने बताया कि शीत ऋतु में सूर्य के प्रकाश की कमी के कारण मस्तिष्क में मौजूद हैप्पी हार्मोन सेरोटोनिन का स्तर घटने लगता है, जबकि तनाव से जुड़े हार्मोन कार्टिसोल और एड्रिनलिन बढ़ जाते हैं। इसी असंतुलन के कारण उदासी, निराशा, चिड़चिड़ापन, अनिद्रा या अधिक नींद, थकान, भूख में बदलाव, मूड स्विंग, नशाखोरी तथा गंभीर स्थिति में आत्मघाती या परघाती व्यवहार जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि निद्रा हार्मोन मेलाटोनिन के असंतुलन से नींद से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।

डॉ. मनदर्शन ने सलाह दी कि मानव मस्तिष्क के लिए 20 से 30 डिग्री सेल्सियस का तापमान अनुकूल होता है। ठंड से बचाव के उपाय, पर्याप्त धूप, इनडोर व आउटडोर व्यायाम, योग, ध्यान और माइंडफुलनेस गतिविधियां मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं। ताजे फल, सब्जियां, पर्याप्त तरल पदार्थ का सेवन और पूरी नींद भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी विंटर डिप्रेशन में प्रभावी उपचार है।

कार्यशाला में प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान भी किया गया। इस अवसर पर चेयरमैन डॉ. उमेश चौधरी, निर्देशिका डॉ. जयंती चौधरी, रविमणि चौधरी, के.पी. मिश्र, प्रधानाचार्य डॉ. विशाल अलवर्ट, रिंकी शुक्ला, प्रियम्वदा, अंकिता, सुचिता सहित नर्सिंग छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version