Home Ayodhya/Ambedkar Nagar अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण: जेल में बंद तीन आरोपियों से पांच घंटे...

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण: जेल में बंद तीन आरोपियों से पांच घंटे तक पूछताछ

0

◆ अविनाश शुक्ला से मिली जानकारियों के आधार पर कई बिंदुओं पर पूछे गए सवाल, अन्य आरोपियों की रिमांड की तैयारी


अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा गबन प्रकरण की जांच में जुटी पुलिस ने रविवार को जेल में बंद तीन आरोपियों से करीब पांच घंटे तक गहन पूछताछ की। न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद विवेचक एवं क्षेत्राधिकारी अयोध्या आशुतोष तिवारी सुबह जेल पहुंचे और दोपहर बाद तक आरोपियों से अलग-अलग तथा सामूहिक रूप से पूछताछ की। इस दौरान पहले से जुटाए गए साक्ष्यों और पूर्व में गिरफ्तार अविनाश शुक्ला से मिली जानकारियों के आधार पर आरोपियों से विभिन्न बिंदुओं पर सवाल-जवाब किए गए।

पूछताछ के दौरान आरोपियों के लिखित बयान भी दर्ज किए गए हैं, जिन्हें पुलिस आगे की विवेचना में शामिल करेगी। सीसीटीवी फुटेज सामने आए तथ्यांे का सत्यापन पुलिस ने किया। माना जा रहा है कि इन तथ्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए भी न्यायालय में आवेदन किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार पूरे प्रकरण में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू की भूमिका को लेकर पुलिस विशेष रूप से जानकारी जुटा रही है। अन्य आरोपियों से मिले जवाबों के आधार पर अब टिन्नू से पूछताछ की रणनीति तैयार की जा रही है, जिससे पूरे घटनाक्रम के संबंध में और महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की उम्मीद है।


तीन आरोपियों से अलगअलग और आमनेसामने पूछताछ


रविवार को पुलिस ने अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पाण्डेय से पूछताछ की। पहले तीनों से अलग-अलग सवाल-जवाब किए गए, इसके बाद उन्हें एक साथ बैठाकर घटनाक्रम का मिलान कराया गया। पुलिस को न्यायालय से अविनाश शुक्ला को छोड़कर अन्य सात आरोपियों से पूछताछ की अनुमति मिली है। शेष आरोपियों से पूछताछ का कार्यक्रम जल्द तय किया जाएगा।


टिन्नू यादव की भूमिका पर जांच का फोकस


जांच में पुलिस का ध्यान अब रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू की भूमिका पर केंद्रित है। अधिकारियों का मानना है कि अन्य आरोपियों से पूछताछ के बाद उसके सामने कई महत्वपूर्ण सवाल रखे जाएंगे। जल्द ही उसकी पुलिस कस्टडी रिमांड लेने की तैयारी भी की जा रही है।


नकदी बाहर निकालने के तरीके की पड़ताल


जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि मंदिर परिसर से नकदी किस प्रकार बाहर निकाली जाती थी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस प्रक्रिया में किन-किन लोगों की भूमिका रही और कहीं किसी स्तर पर लापरवाही अथवा मिलीभगत तो नहीं हुई।


वाउचर तैयार करने में हेरफेर की आशंका


सूत्रों के अनुसार आरोपी अनुकल्प मिश्रा पर गणना के दौरान वाउचर तैयार करने की जिम्मेदारी थी। जांच में आशंका जताई जा रही है कि इसी प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितताओं को छिपाने का प्रयास किया गया। पुलिस दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है, ताकि न्यायालय में मजबूत पक्ष रखा जा सके।


 


चढ़ावा गबन की साजिश का मास्टरमाइंड कौन? जांच का सबसे बड़ा सवाल


राम मंदिर चढ़ावा गबन प्रकरण की जांच अब इस अहम सवाल पर केंद्रित हो गई है कि पूरे घटनाक्रम की योजना किसने बनाई थी। पुलिस का मानना है कि इतनी बड़ी वित्तीय अनियमितता किसी एक व्यक्ति के स्तर पर संभव नहीं हो सकती। इसलिए यह पता लगाया जा रहा है कि किसने पूरी कार्यप्रणाली तैयार की, किसने जिम्मेदारियां तय कीं और किसके निर्देश पर कथित रूप से रकम के गबन का सिलसिला संचालित किया गया। जांच एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ के जरिए पूरे नेटवर्क और उसकी कमान संभालने वाले व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस कड़ी के स्पष्ट होने के बाद मामले से जुड़े कई अन्य तथ्य भी सामने आ सकते हैं।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version