अयोध्या। जनपद न्यायालय परिसर में आयोजित वृहद राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ जनपद न्यायाधीश रणंजय कुमार वर्मा ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। इस अवसर पर अपर जिला जज एवं नोडल अधिकारी दीपक यादव, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रिया सक्सेना सहित अनेक न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।
जनपद न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत की मूल भावना लोक कल्याण और आपसी सुलह-समझौते के माध्यम से विवादों का समाधान करना है। इससे लोगों के बीच आपसी प्रेम, सद्भाव और विश्वास मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि न्यायालय परिसर के साथ-साथ कलेक्ट्रेट एवं तहसीलों में भी आपसी समझौते के आधार पर वादों का निस्तारण कराया गया।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रिया सक्सेना ने कहा कि लोक अदालत शोषित और वंचित लोगों को सुलभ न्याय दिलाने का प्रभावी माध्यम है। इससे समय और धन दोनों की बचत होती है।
राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 85,350 वादों का निस्तारण किया गया तथा 12 करोड़ 19 लाख 80 हजार 954 रुपये की समझौता राशि निर्धारित हुई। वर्चुअल कोर्ट की पीठासीन अधिकारी सुश्री निवेदिता सिंह ने 35,459 वादों का निस्तारण किया। वहीं मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में 85 मामलों में 6.51 करोड़ रुपये क्षतिपूर्ति तय की गई। बैंक रिकवरी के 683 मामलों में 4.64 करोड़ रुपये का सेटलमेंट कराया गया।