अंबेडकर नगर। विश्व मानवाधिकार दिवस पर महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज का परिसर बुधवार को जागरूकता और संवेदनशीलता के संदेशों से सराबोर रहा। कम्युनिटी मेडिसिन विभाग द्वारा एल टी दो में आयोजित विशेष कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने मानवाधिकार और स्वास्थ्य अधिकार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे और विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से समाज को जागरूक करने का प्रयास किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत विभाग ने नुक्कड़ नाटक, वाद-विवाद प्रतियोगिता और पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया, जिसमें एमबीबीएस छात्रों और इंटर्न डॉक्टरों ने उत्साहपूर्ण प्रतिभाग किया। सभी प्रतिभागियों ने मानवाधिकारों की मूल भावना, उनके व्यावहारिक महत्व और रोजमर्रा की जिंदगी से उनके गहरे संबंध को रचनात्मक अभिव्यक्ति दी।
मुख्य अतिथि एवं महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. डा. मुकेश यादव ने इस वर्ष की थीम मानवाधिकार हमारी रोजमर्रा की जरूरी चीज़ें पर बोलते हुए कहा कि मानवाधिकार किसी सिद्धांत भर का नाम नहीं, बल्कि मानव जीवन की गरिमा, स्वतंत्रता और समानता की नींव हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान हर नागरिक को जो मूलभूत अधिकार प्रदान करता है, उनका संरक्षण और पालन समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उप-प्राचार्य डा. उमेश कुमार वर्मा ने महाविद्यालय द्वारा मानवाधिकारों को बढ़ावा देने हेतु चल रही गतिविधियों और सामाजिक दायित्वों की जानकारी साझा की। कार्यक्रम उनके मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में डा. शिवरतन, डा. दीपक कुमार मौर्य, डा. मोहम्मद आतिफ, डा. रामनिवास, डा. अमन कुमार, डा. फहद खान, डा. नीरज कुमार और डा. मो. रज़ा का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कार्यक्रम में डा. बीरेंद्र यादव, डा. अजफर मतीन, डा. अजय सिंह, राना भानु प्रताप सिंह, डा. दिलशाद आरिफ, डा. अनिल यादव सहित कॉलेज के सभी संकाय सदस्य उपस्थित रहे।