अयोध्या। सावन के दूसरे सोमवार को रामनगरी अयोध्या भक्ति और आस्था के रंग में डूब गई। लाखों कांवड़ियों ने पवित्र सरयू नदी से जल लेकर भगवान शिव के विभिन्न मंदिरों में जलाभिषेक किया। इस दौरान नागेश्वरनाथ मंदिर, हनुमानगढ़ी और श्रीरामजन्म भूमि में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। योगी सरकार की बेहतर व्यवस्था के चलते हर श्रद्धालु को सुलभ दर्शन का अवसर प्राप्त हुआ। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच भक्तों ने भोर से देर शाम तक दर्शन-पूजन का सिलसिला जारी रखा।
सावन के पावन अवसर पर अयोध्या में भोर से ही सरयू नदी के घाटों पर कांवड़ियों का तांता लग गया। भोर में सरयू स्नान के साथ ही श्रद्धालुओं ने जल भरकर नागेश्वरनाथ मंदिर सहित अन्य शिव मंदिरों में जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया। इसके बाद हनुमानगढ़ी और श्री राम मंदिर में दर्शन-पूजन का क्रम शुरू हुआ। नागेश्वरनाथ मंदिर में भगवान शिव के दर्शन के लिए लंबी कतारें देखी गईं, जहां भक्तों ने बम-बम भोले और हर हर महादेव के जयघोष के साथ अपनी आस्था प्रकट की। जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि सरयू में स्नान ध्यान के बाद श्रद्धालुओं ने नागेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक किया। इसके बाद हनुमानगढ़ी व राम मंदिर में भी दर्शन करने के लिए पहुँच रहे हैं। राम की पैड़ी पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम को और पुख्ता करने के लिए मेला क्षेत्र को जोन व सेक्टर में बांटा गया है। दर्शन-पूजन शांतिपूर्ण व सुचारू रूप से हो रहा है।
सुरक्षा के साथ दिखीं व्यापक सुविधाएं

योगी सरकार ने कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए। मंदिरों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया गया था। पुलिस और प्रशासन की टीमें पूरे समय सक्रिय रहीं, जिससे कोई अव्यवस्था नहीं हुई। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए भीड़ पर नजर रखी गई। इसके अलावा जगह-जगह पेयजल, छाया और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था की गई थी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
