अयोध्या। राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज, दर्शननगर में शनिवार देर रात इमरजेंसी यूनिट में हुए हंगामे को लेकर रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को एसोसिएशन के अध्यक्ष श्रेष्ठेस तिवारी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा को ज्ञापन सौंपते हुए मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में 20 जुलाई की रात इमरजेंसी यूनिट में हुई घटना को लेकर खुद को समाजसेवी बताने वाले सोनू नामक व्यक्ति और कॉलेज में तैनात वार्ड बॉय उमेश पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि उक्त समाजसेवी ने न सिर्फ ड्यूटी पर मौजूद जूनियर डॉक्टर से अभद्रता की, बल्कि अस्पताल परिसर में अनधिकृत रूप से घुसकर वसूली का प्रयास भी किया। वहीं वार्ड बॉय पर ड्यूटी के दौरान लापरवाही और मरीज के परिजनों को भड़काने का आरोप लगाया गया है।
एसोसिएशन ने ज्ञापन में यह भी मांग की है कि मेडिकल कॉलेज परिसर में अनाधिकृत व्यक्तियों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए और अस्पताल के सभी कर्मचारियों के लिए यूनिफॉर्म और परिचय पत्र अनिवार्य किया जाए।
क्या है मामला
शनिवार रात करीब 1.30 बजे 52 वर्षीय मरीज जुग्गीलाल की जांच को लेकर इमरजेंसी यूनिट में डॉक्टर और परिजनों के बीच कहासुनी हो गई थी। इसी दौरान एक कथित समाजसेवी मौके पर पहुंचा और डॉक्टर से बदसलूकी करने लगा। आरोप है कि वहां मौजूद वार्ड बॉय ने भी उसका साथ देते हुए स्थिति को और बिगाड़ दिया। हंगामे के कारण इमरजेंसी की सेवाएं करीब दो घंटे बाधित रहीं। घटना के बाद से मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों में रोष व्याप्त है और वे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रहे हैं।