अयोध्या। उत्तर प्रदेश शासन नियुक्ति अनुभाग ने विकास धर एसडीएम रूदौली के खिलाफ संसदीय शिष्टाचार एवं लोकसेवा आचरण नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। रामचन्दर यादव विधायक रूदौली ने इसकी शिकायत की थी। जिसका उत्तर देने के लिए 7 दिन का समय दिया है। अन्यथा उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर कार्रवाई की बात नोटिस में कही गई है।
ये हैं शिकायतें –
राहत सामग्री वितरण में देरी : 9 अगस्त को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र रौनाही तटबध व ग्राम कैथीमांझा में राहत सामग्री वितरण के दौरान विधायक के मौजूद रहने के बावजूद एसडीएम ने कहा कि जब तक वे मौके पर नहीं पहुँचते, राहत सामग्री का वितरण नहीं किया जाएगा, जिससे कार्य में देरी हुई। जनता में असंतोष उपजा।
विधायक की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले शब्दों का प्रयोग : 15 अगस्त को दो युवकों के डूबने की घटना में सूचना मिलने के बाद एसडीएम लगभग 24 घंटे बाद मौके पर पहुंचे, जिससे बचाव कार्य प्रभावित हुआ। मौके पर पहुंचने के बाद विधायक की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले शब्दों का प्रयोग किया गया। जिससे विधायक वहां से चले गए।
तहसील दिवस पर असम्मान : 18 अगस्त को तहसील दिवस पर उपजिलाधिकारी द्वारा विधायक रामचंदर यादव के कुर्सी व नामलेख हटवाए गए।
उत्तर प्रदेश शासन ने इस मामले को गंभीर मानते हुए उपजलाधिकारी को उत्तर देने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में कहा गया है कि उनके कार्य व आचरण में “गंभीर अनियमितता” पाई गई है और यदि सही स्पष्टीकरण नहीं मिलता है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला सरकारी कार्य में प्रोटोकॉल और लोकशासन के महत्व को लेकर चर्चा का विषय बन गया है, और क्षेत्र में राजनीतिक एवं प्रशासनिक हलचल बढ़ा रहा है।