अंबेडकर नगर। प्रदेश सरकार जहां स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार औचक निरीक्षण करा रही है, वहीं जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है। ताजा मामला कटेहरी क्षेत्र अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अशरफपुर बरवां का है, जहां बुधवार सुबह नौ बजे तक कोई भी स्वास्थ्यकर्मी या चिकित्सक मौजूद नहीं था। बुधवार की सुबह जब अयोध्या समाचार की टीम ने स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों के तहत केन्द्र की हकीकत परखने पहुंची तो हालात देखकर हैरान रह गई। केन्द्र के गेट पर ताला तो नहीं था, लेकिन अंदर मरीजों की मदद करने के लिए कोई भी जिम्मेदार मौजूद नहीं था। इस बीच गांव के कई मरीज सर्दी-जुकाम और बुखार जैसी बीमारियों के इलाज के लिए केंद्र पर पहुंचे, लेकिन डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मियों की अनुपस्थिति से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। मजबूरन ग्रामीणों को महंगे इलाज के लिए निजी झोलाछाप चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ा।
गौरतलब है कि इसी केन्द्र पर मई माह में मुख्य चिकित्साधिकारी ने भी औचक निरीक्षण किया था, तब भी तैनात डॉक्टर अनुपस्थित पाए गए थे। उस समय कड़ी चेतावनी देकर मामले को छोड़ दिया गया था, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। इस संबंध में जब कटेहरी प्रभारी अंकुश पटेल से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि अनुपस्थित स्वास्थ्यकर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्वास्थ्यकर्मी समय से केंद्र पर उपस्थित नहीं होंगे तो शासन की मंशा और योजनाएं कैसे धरातल पर उतर पाएंगी। वहीं, स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि ऐसे लापरवाह कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को सही समय पर सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।