◆ 72 हजार वैक्सीन पहुंची, अब तक 41,620 पशुओं का हुआ टीकाकरण; गांव–गांव पहुंच रहीं 29 टीमें
अयोध्या। लम्पी स्किन डिजीज से गोवंश और महिषवंशीय पशुओं को बचाने के लिए जिले में एक माह का विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। 9 सितंबर से शुरू हुआ अभियान 8 अक्टूबर तक चलेगा। इसके तहत जिले में 72 हजार वैक्सीन पहुंच चुकी हैं और अब तक 41,620 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है।
पशुपालन विभाग की ओर से अभियान के लिए 29 टीमें गठित की गई हैं। प्रत्येक टीम में पांच सदस्य शामिल हैं, जो गांव-गांव पहुंचकर पशुओं का टीकाकरण कर रहे हैं। पशुपालक अपने पशुओं के टीकाकरण के लिए 1962 हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं।
जिले में कुल 4.39 लाख पशु हैं। इनमें 1,36,691 गोवंशीय और 3,02,358 महिषवंशीय पशु शामिल हैं। विभाग का लक्ष्य अभियान की अवधि में अधिक से अधिक पशुओं को लम्पी संक्रमण से सुरक्षित करना है। अधिकारियों की ओर से पशुपालकों से समय से टीकाकरण कराने की अपील की गई है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. इंद्र देव महर ने बताया कि लम्पी से बचाव के लिए टीकाकरण सबसे प्रभावी उपायों में शामिल है। पशुपालक 1962 पर संपर्क कर टीकाकरण के लिए टीम बुला सकते हैं। उन्होंने पशुओं के आसपास साफ-सफाई रखने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल पशु चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी।
क्या है लम्पी स्किन डिजीज
लम्पी स्किन डिजीज एक वायरल बीमारी है, जो मुख्य रूप से गाय और भैंसों को प्रभावित करती है। संक्रमित पशुओं में बुखार और शरीर पर गांठें पड़ने के साथ दूध उत्पादन में कमी हो सकती है। यह बीमारी मुख्य रूप से मच्छर, मक्खी और अन्य कीटों के माध्यम से फैलती है। संक्रमित पशु के संपर्क में आने तथा दूषित सामग्री से भी संक्रमण का खतरा रहता है।
विभाग ने पशुपालकों से बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर घरेलू उपचार पर निर्भर रहने के बजाय तत्काल नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क करने की अपील की है। साथ ही पशुओं के बाड़े की स्वच्छता, साफ पानी और पौष्टिक आहार का ध्यान रखने की सलाह दी गई है।