◆ जानकी महल ट्रस्ट में 10 दिवसीय गणेशोत्सव का शुभारंभ, भजन–कीर्तन और विशेष अनुष्ठानों से गूंजेगा परिसर
अयोध्या। गणपति बप्पा के जयघोष से मंगलवार को रामनगरी का वातावरण भक्तिमय हो उठा। गणेश चतुर्थी के साथ अयोध्या में 10 दिवसीय गणेशोत्सव का शुभारंभ हुआ। ‘गणपति बप्पा मोरया, मंगल मूर्ति मोरया’ के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने प्रथम पूज्य भगवान गणेश का पूजन कर सुख-समृद्धि और विघ्नों के नाश की कामना की। शहर के विभिन्न मठ-मंदिरों में भी गणेश प्रतिमाओं की स्थापना कर पूजा-अर्चना शुरू हुई।
जानकी महल ट्रस्ट में गणेशोत्सव का विशेष आयोजन किया गया है। यहां विघ्नहर्ता के लिए करीब 70 किलो शुद्ध चांदी से निर्मित सिंहासन तैयार कराया गया है। करीब सवा करोड़ रुपये की लागत वाले इस रजत सिंहासन पर विधि-विधान से भगवान गणेश को विराजमान कराया गया। सिंहासन निर्माण में ट्रस्ट के सदस्यों के साथ आदित्य बाबू का भी योगदान रहा।
जानकी महल के पंडित विजय प्रकाश तिवारी उर्फ चतुरानन ने बताया कि प्रतिदिन सुबह भगवान गणेश का दुग्धाभिषेक कर दिव्य श्रृंगार किया जाएगा। दोपहर 12 बजे जन्म आरती के बाद भजन-कीर्तन, सोहर और बधाई गायन होगा। श्रद्धालुओं में प्रसाद का वितरण किया जाएगा।
भगवान गणेश को प्रतिदिन मोदक और लड्डू का भोग लगाया जाएगा। फल, नारियल और कमल पुष्प अर्पित किए जाएंगे। शाम को भजन संध्या होगी और भगवान को नित्य नई पोशाक धारण कराई जाएगी।
गणेशोत्सव के दौरान बप्पा के जयकारों, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों से जानकी महल का वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंगा रहेगा। श्रद्धालु प्रथम पूज्य के दर्शन कर मनोकामनाओं की पूर्ति और परिवार की सुख-शांति का आशीर्वाद मांग रहे हैं।