अम्बेडकरनगर। महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को आत्महत्या की रोकथाम एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की मेंटल हेल्थ एंड वेलबीइंग कमेटी के तत्वावधान में हुए इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग करना और आत्महत्या से जुड़े जोखिमों की जानकारी देना रहा।
कार्यक्रम प्राचार्य डॉ. मुकेश यादव के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। इसमें जिले के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं व प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बीएनकेवी पीजी कॉलेज के छात्र-छात्राएं भी कार्यक्रम में शामिल रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. अमित कुमार गुप्ता ने इसके उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रत्येक शैक्षणिक संस्थान में काउंसलर की व्यवस्था आवश्यक है, ताकि छात्रों को समय पर परामर्श मिल सके। इसके बाद डॉ. सुधांशु ने अवसाद पर अपने विचार रखते हुए मानसिक बीमारियों से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने की जरूरत बताई।
डॉ. पारुल यादव ने एंजाइटी डिसऑर्डर व नशे से जुड़ी मानसिक समस्याओं के कारणों और प्रभावों की जानकारी दी। वहीं विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार गुप्ता ने आत्महत्या के जोखिम कारकों, चेतावनी संकेतों और उनके प्रबंधन पर विस्तार से व्याख्यान दिया।
इस दौरान मेडिकल कॉलेज के डॉ. मनोज गुप्ता, डॉ. संदीप शर्मा के साथ बीएनकेवी पीजी कॉलेज के डॉ. विनय कुमार मनोविज्ञान, अचल कुमार भूगोल, दिनेश कुमार समाजशास्त्र व हरिकेश हिंदी समेत कई शिक्षक मौजूद रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में मेडिकल कॉलेज शिक्षक संघ का विशेष सहयोग रहा।
अंत में विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह लेने के लिए प्रेरित किया गया।