बीकापुर, अयोध्या। वरिष्ठ पत्रकार एवं मान्यता प्राप्त पत्रकार केके मिश्रा के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंगठन की बीकापुर इकाई लामबंद हो गई है। संगठन की बैठक में पत्रकारों ने एफआईआर की निंदा करते हुए इसे पत्रकार के मानसिक उत्पीड़न का मामला बताया और प्राथमिकी समाप्त किए जाने की मांग की।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि केके मिश्रा लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और अपनी लेखनी के माध्यम से जनसमस्याओं को लगातार प्रमुखता से उठाते रहे हैं। उनका स्वभाव सरल और व्यवहार मर्यादित रहा है। ऐसे में तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
पत्रकारों ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारों की जिम्मेदारी जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाना है। किसी खबर को लेकर आपत्ति होने पर उसका तथ्यात्मक निराकरण किया जाना चाहिए, न कि पत्रकार के खिलाफ कार्रवाई कर दबाव बनाने का प्रयास किया जाए।
संगठन के पदाधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर प्राथमिकी समाप्त किए जाने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मामले में जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन की ओर से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
जिला अध्यक्ष बलरामतिवारी ने कहा कि पत्रकारों का उत्पीड़न संगठन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ पत्रकार केके मिश्रा के मामले में शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।
बैठक में तहसील अध्यक्ष पुष्पेंद्रमिश्रा, अरुण मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र पाठक, केके शुक्ला, अजय तिवारी, राहुल दुबे, संदीप मिश्रा सहित अन्य पत्रकार मौजूद रहे। सभी ने मामले को दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय बताते हुए केके मिश्रा के प्रति एकजुटता जताई।