अयोध्या। प्रेस क्लब अयोध्या में पासी कल्याण परिषद की बैठक आयोजित हुई। इसमें समाज की सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ ही सामाजिक कुरीतियों को दूर करने पर विस्तृत चर्चा की गई। परिषद के पदाधिकारियों ने युवाओं को शिक्षा और रोजगार से जोड़कर समाज को मुख्यधारा में लाने पर जोर दिया।
परिषद के अध्यक्ष राम अवध ने कहा कि संगठन करीब 25 वर्षों से जिले में समाज के बीच काम कर रहा है। संगठन का प्रमुख उद्देश्य सामाजिक कुरीतियों के प्रति लोगों को जागरूक करना और उन्हें दूर करने के लिए सामूहिक प्रयास करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, बाल विवाह, परिवार नियोजन और मद्य निषेध जैसे विषयों पर चलाए गए जागरूकता अभियानों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
उन्होंने बताया कि आगामी वर्षों के लिए 6-7 सूत्रीय कार्यक्रम तैयार किया गया है। इसके तहत तकनीकी और रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए समाज के लोगों को जागरूक किया जाएगा, ताकि युवा आत्मनिर्भर बन सकें।
राम अवध ने कहा कि मृतक भोज समाज की प्रमुख कुरीतियों में शामिल है। इसके खिलाफ गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के प्रसार के बाद समाज को ऐसी परंपराओं से बाहर निकलने की जरूरत है, जो आर्थिक बोझ बढ़ाती हैं।
उन्होंने पासी और बौरासी समाज के बीच सामाजिक दूरी समाप्त करने पर भी जोर दिया। कहा कि रुदौली, दरियाबाद और मवई क्षेत्र में बौरासी समाज की बड़ी आबादी है। दोनों समाजों के बीच सामाजिक संबंध मजबूत होने से एकजुटता बढ़ेगी और समाज की सामाजिक व राजनीतिक भागीदारी भी मजबूत हो सकती है।
उन्होंने कहा कि समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है, लेकिन बदलती परिस्थितियों में यह आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़ गया है। समाज को पुनः मुख्यधारा से जोड़ने के लिए संगठित और निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।
बैठक में चंद्रबली, शैलेंद्र कुमार प्रियदर्शी, सोहनलाल, संजय पासवान, योगेंद्र चौधरी, जयप्रकाश भारती, अभिराम, देवसरन, राजेंद्र बहादुर, श्याम बाबू, रामदेव, रामदीन, गुरु प्रसाद, दिनेश कुमार, जगजीवन, राजपाल, रामनोहर, रामगोपाल, रामतेज, गंगाराम, इंसान, रामनाथ, गुर्जर सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।