जलालपुर अम्बेडकरनगर। बार एसोसिएशन जलालपुर की ओर से तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर आयोजित आपात बैठक के बाद न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया। संगठन ने तहसील के अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में उपजिलाधिकारी को पत्र प्रेषित कर न्यायिक व्यवस्था प्रभावित होने की जानकारी दी गई है।
बार एसोसिएशन द्वारा दिए गए पत्र में कहा गया है कि तहसील में मुख्य रूप से उप जिलाधिकारी सहित अन्य पीठासीन अधिकारियों एवं उनके स्टाफ का कार्य-व्यवहार अधिवक्ताओं के प्रतिकूल है। आरोप है कि भ्रष्टाचार के कारण न्यायिक कार्य सुचारु रूप से संपन्न होना संभव नहीं हो पा रहा है। संगठन के अध्यक्ष कृपा शंकर मौर्य का कहना है कि जब तक बार एवं बेंच की संयुक्त बैठक कर समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक अधिवक्ता न्यायिक कार्य में सहयोग करने में असमर्थ रहेंगे।
इसी क्रम में सोमवार को चौथे दिन भी अधिवक्ताओं ने अनिश्चितकालीन बहिष्कार जारी रखते हुए न्यायिक कार्य से दूरी बनाए रखी, जिससे तहसील में वादकारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि मांगों पर ठोस कार्रवाई और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
बार एसोसिएशन ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है, ताकि न्यायिक कार्य पुनः सामान्य हो सके।