अयोध्या। श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जेल में निरुद्ध आरोपियों की जमानत अर्जियों पर शनिवार को होने वाली सुनवाई एक बार फिर टल गई। एंटी करप्शन कोर्ट के न्यायाधीश रजत वर्मा ने विवेचक की आख्या प्रस्तुत नहीं किए जाने पर सुनवाई के लिए 23 सितंबर की तारीख तय की है। न्यायालय ने विवेचक को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए इसे अंतिम अवसर बताया है।
मामले में आरोपी सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू की जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए 19 सितंबर की तारीख निर्धारित थी। इससे पहले 16 सितंबर को अनुकल्प मिश्रा, रामशंकर मिश्रा और मनीष कुमार यादव की जमानत अर्जियों पर सुनवाई होनी थी। विवेचक की ओर से आवश्यक आख्या प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण सुनवाई आगे बढ़ा दी गई थी।
आरोपियों के अधिवक्ता कुलशेखर सिंह ने आठ आरोपियों—अनुकल्प मिश्रा, रामशंकर मिश्रा, मनीष कुमार यादव, अविनाश शुक्ला, सुभाष श्रीवास्तव, लवकुश मिश्रा, करुणेश पांडेय और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव—की जमानत अर्जियां 5 सितंबर को दाखिल की थीं। अर्जियों में आरोपियों को निर्दोष बताते हुए कहा गया है कि उन्हें गलत धाराओं में बिना ठोस साक्ष्य के फंसाया गया है। बचाव पक्ष ने आरोपियों को जमानत पर रिहा किए जाने की मांग की है।
न्यायालय ने सभी आरोपियों की जमानत अर्जियों पर सुनवाई के लिए अलग-अलग तिथियां निर्धारित की हैं। अनुकल्प मिश्रा, रामशंकर मिश्रा, मनीष कुमार यादव और अविनाश शुक्ला की जमानत अर्जियों पर अब 21 सितंबर को सुनवाई होगी। इन आरोपियों की न्यायिक हिरासत की अवधि भी विवेचक के अनुरोध पर 21 सितंबर तक बढ़ाई जा चुकी है।
मामले में विवेचना पूरी कर आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करने की 90 दिन की अवधि भी महत्वपूर्ण हो गई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार आरोप पत्र दाखिल करने की अंतिम समय-सीमा 22 सितंबर को पूरी हो रही है।