अयोध्या। नागालैंड के राज्यपाल नंदकिशोर यादव बुधवार को अयोध्या पहुंचे। उन्होंने हनुमानगढ़ी और श्रीराम जन्मभूमि परिसर में दर्शन-पूजन कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में उनका बयान भावुक रहा।
राज्यपाल ने कहा, “भगवान राम हमारे पाहुन हैं, मैं अपने पाहुन के घर आया हूं।” उन्होंने रामलला के दर्शन को अपने जीवन का महत्वपूर्ण क्षण बताते हुए मंदिर को आस्था और गौरव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम केवल धार्मिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि आदर्श पुरुष हैं, जिनके जीवन से समाज को दिशा मिलती है।
उन्होंने भव्य राम मंदिर निर्माण को 500 वर्षों के संघर्ष का परिणाम बताते हुए गर्व व्यक्त किया। कहा कि यह मंदिर भारत की सांस्कृतिक चेतना और आस्था का जीवंत प्रतीक बनकर उभरा है। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या आना उनके लिए अपने पाहुन प्रभु के घर आने जैसा अनुभव है।
राज्यपाल ने कहा कि भगवान राम के स्वरूप में माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान का समावेश भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा को दर्शाता है। मंदिर निर्माण के बाद युवाओं में धार्मिक उत्साह बढ़ा है और अयोध्या में बदलती सांस्कृतिक चेतना का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।