जलालपुर, अंबेडकर नगर। जलालपुर कोतवाली पुलिस ने एक बार फिर अवैध गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से करीब एक किलो 950 ग्राम गांजा बरामद करने का दावा किया है। बीते एक सप्ताह के भीतर गांजा तस्करी के आरोप में यह दूसरी बड़ी गिरफ्तारी है, जिसके बाद क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
पुलिस के अनुसार 10 जुलाई की रात लगभग साढे दस बजे फत्तेपुर मोहिबपुर के पास चेकिंग के दौरान एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम संतराम पुत्र त्रिलोकी, निवासी रुकनपुर कासिमपुर, थाना जलालपुर बताया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक किलो 950 ग्राम अवैध गांजा, एक मोबाइल फोन, 750 रुपये नकद तथा एक प्लैटिना मोटरसाइकिल बरामद की गई। पुलिस आरोपी को कोतवाली ले गई, जहां आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक दिलेश कुमार सरोज, हेड कांस्टेबल सुभाष यादव, कांस्टेबल विकास अरुण, कांस्टेबल शोभित कुमार तथा राम प्रकाश गुप्ता शामिल रहे।
हालांकि लगातार हो रही गांजा बरामदगी की घटनाओं के बीच स्थानीय स्तर पर कई सवाल भी उठ रहे हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि पुलिस लगातार गांजा तस्करों को पकड़ रही है तो यह भी जांच का विषय है कि आखिर लंबे समय से अवैध कारोबार किसके संरक्षण में संचालित हो रहा था। स्थानीय नागरिकों के बीच यह चर्चा भी है कि बिना मिलीभगत के बिना इस प्रकार का कारोबार लंबे समय तक संचालित होना संभव नहीं है।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि केवल तस्करों की गिरफ्तारी कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी जांच होनी चाहिए कि गांजा बिक्री के नेटवर्क को संरक्षण कौन दे रहा था और इसके पीछे किन लोगों की भूमिका रही है। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने पुलिस की निगरानी व्यवस्था और प्रभावी नियंत्रण पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।