जलालपुर, अंबेडकर नगर। भियांव स्थित सूफी संत हजरत सैय्यद मीरा मसूद हमदानी की दरगाह पर आयोजित तीन दिवसीय उर्स धार्मिक आयोजनों, कौव्वाली और मुल्क में अमन-चैन की विशेष दुआ के साथ संपन्न हो गया। खराब मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में जायरीनों ने दरगाह पर हाजिरी देकर अकीदत पेश की।
उर्स की शुरुआत अजमत-ए-औलिया कॉन्फ्रेंस से हुई, जिसमें झारखंड से आए मौलाना मोहम्मद अंसारूल कादरी ने सूफी संतों की शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए भाईचारे और इंसानियत का संदेश दिया। दूसरे दिन गुस्ल-ए-शरीफ की रस्म अदा की गई। इसके बाद सज्जादा नशीन सैयद शमीम अहमद चिश्ती की सरपरस्ती में संदल और चादर का भव्य जुलूस निकाला गया तथा चादरपोशी और कुल शरीफ की रस्में संपन्न हुईं। रातभर चली महफिल-ए-शमा में प्रसिद्ध कौव्वालों ने कलाम पेश कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
अंतिम दिन महफिल-ए-गरीब नवाज के साथ उर्स का समापन हुआ। इस दौरान देश में अमन, खुशहाली, तरक्की और आपसी भाईचारे के लिए विशेष दुआ की गई। हालांकि इस बार श्रद्धालुओं को पेयजल, मेडिकल सुविधा और मोबाइल शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ा। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर एसओ कटका अक्षय पटेल के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा। दरगाह कमेटी के पदाधिकारी और क्षेत्र के गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।