जलालपुर, अंबेडकरनगर। क्षेत्र के एक निजी विद्यालय पर मनमानी फीस वसूली और अभिभावकों पर किताब-कॉपी जबरन खरीदने का दबाव बनाने का गंभीर आरोप सामने आया है। इस संबंध में शनिवार को कई अभिभावकों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता आदित्य गोयल निवासी जलालपुर ने जिलाधिकारी को दिए पत्र में बताया कि उनके बच्चे रेडियन्ट सेंट्रल चिल्ड्रेन एकेडमी में अध्ययनरत हैं, जहां स्कूल प्रबंधन द्वारा कई प्रकार की अनियमितताएं की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय हर वर्ष एनुअल चार्जेस के नाम पर 3500 से 4750 रुपये तक वसूलता है, लेकिन उसका कोई स्पष्ट विवरण अभिभावकों को नहीं दिया जाता। इसके साथ ही फीस में हर साल बढ़ोतरी की जा रही है, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन द्वारा उन्हें किताबें और कॉपियां केवल विद्यालय द्वारा निर्धारित दुकान या संस्था से ही खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है। आदित्य गोयल ने बताया कि जब उन्होंने बीते एक अप्रैल को केवल किताबें खरीदने का अनुरोध किया तो स्कूल प्रशासन ने साफ मना कर दिया और कहा कि किताब और कॉपी दोनों साथ में लेना अनिवार्य है।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि स्कूल द्वारा अभिभावकों पर दबाव बनाते हुए ऐसा न करने पर बच्चों का नाम काटने तक की धमकी दी जा रही है। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि उनके पास इसका वीडियो प्रमाण भी मौजूद है, जिसमें स्कूल प्रबंधन द्वारा जबरदस्ती कॉपी सहित किताबें खरीदने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
अभिभावकों ने इसे शिक्षा विभाग के नियमों के विरुद्ध बताते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यवाही सीधे तौर पर अभिभावकों का आर्थिक शोषण है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और विद्यालय को नियमों के तहत कार्य करने के निर्देश दिए जाएं।
इस शिकायत में देवेश कुमार, संतोष कुमार, हरिप्रसाद, आनंद जायसवाल, विकास गुप्ता समेत कई अभिभावकों के हस्ताक्षर भी शामिल हैं। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए क्या कदम उठाता है।