अयोध्या। शहर के एसएसवी इंटर कॉलेज का वार्षिक समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि अशर्फी भवन के पीठाधीश्वर जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री श्रीधराचार्य जी महाराज ने शिक्षा को जीवन की पूर्णता का आधार बताते हुए कहा कि जैसे मूर्तिकार साधारण शिला को दिव्य प्रतिमा का रूप देता है, वैसे ही शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन को आकार देते हैं।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल बाहरी ज्ञानार्जन नहीं, बल्कि व्यक्तित्व के परिमार्जन की प्रक्रिया है। शिक्षक विद्यार्थियों की क्षमता और सामर्थ्य को पहचानकर उन्हें सही दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने अभिभावकों से भी आह्वान किया कि वे बच्चों की रुचि और योग्यता को समझकर उनका मार्गदर्शन करें, ताकि वे अपने जीवन लक्ष्य को प्राप्त कर सकें।
