अयोध्या। अयोध्या धाम के बालू घाट स्थित सरयू तट पर आयोजित आठ दिवसीय आदिशक्ति अखंड विशाल अश्वमेध महायज्ञ के आठवें दिन श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। मातेश्वरी परिवार, गोरखपुर द्वारा आयोजित इस महायज्ञ में देशभर से आए श्रद्धालु कथा श्रवण कर भावविभोर हो उठे। आयोजन का समापन 16 फरवरी को पूर्णाहुति के साथ प्रस्तावित है।
महायज्ञ के दौरान मातेश्वरी महाशक्ति पीठ, गोरखपुर के सतगुरु महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि ईश्वर की प्राप्ति के लिए गुरु की शरण प्रथम सीढ़ी है। उन्होंने भगवान राम तक पहुँचने के लिए सद्गुरु की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति, सदाचार और धर्म पालन का संदेश दिया। प्रतिदिन सरयू आरती और दीप प्रज्वलन के साथ यज्ञ की धार्मिक गरिमा और भी बढ़ रही है।
कार्यक्रम में विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश महामंत्री ओम प्रकाश यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह, अयोध्या धाम जिला अध्यक्ष उमेश सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
अपर जिला जज ने लिया आशीर्वाद
महायज्ञ के आठवें दिन बिहार के सिवान जिले के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश तिवारी भी श्रद्धाभाव से यज्ञ स्थल पहुंचे। उन्होंने सतगुरु महाराज के दर्शन कर आत्मिक शांति की अनुभूति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को आध्यात्मिक मार्गदर्शन की आवश्यकता है और ऐसे आयोजन लोगों को संस्कार व सद्भाव की दिशा में प्रेरित करते हैं।
उन्होंने अपने वक्तव्य में सनातन परंपरा की “वसुधैव कुटुंबकम्” की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह परंपरा विश्व बंधुत्व और धार्मिक सहिष्णुता का संदेश देती है। संतों को समाज का पथप्रदर्शक बताते हुए उन्होंने उनके कार्यों की सराहना की।
इस अवसर पर यज्ञ समिति के पदाधिकारियों ने अतिथि का स्वागत कर स्मृति चिन्ह भेंट किया। आठवें दिन की कथा और प्रवचन श्रद्धालुओं के लिए आत्ममंथन का अवसर बने। यज्ञ स्थल पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।