◆ केंद्रीय दुर्गापूजा एवं रामलीला समन्वय समिति ने कहा- हादसा हुआ तो जल निगम जिम्मेदार
अयोध्या। दुर्गापूजा और रामलीला आयोजन से पहले शहर में सीवर लाइन के लिए चल रही सड़क खुदाई को लेकर केंद्रीय दुर्गापूजा एवं रामलीला समन्वय समिति समेत विभिन्न दुर्गापूजा समितियों ने नाराजगी जताई है। समिति पदाधिकारियों का आरोप है कि जल निगम और जलकल विभाग की ओर से कई प्रमुख मार्गों और गलियों में सड़क खोदकर काम को अधूरा छोड़ दिया गया है। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
केंद्रीय समिति के अध्यक्ष मनोज जायसवाल ने कहा कि 11 अक्टूबर से दुर्गापूजा शुरू हो रही है और पर्व में महज पांच दिन शेष हैं। इसके बावजूद नाका से चौक तक कई स्थानों पर सीवर कार्य के लिए सड़कें खोदी गई हैं। बारिश के कारण कई जगह मिट्टी धंस गई है और गड्ढों में वाहन फंसने से लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि खुदाई वाले स्थानों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग तक नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि समिति की ओर से जल निगम के अधिकारियों से कई बार आग्रह किया गया था कि दुर्गापूजा और रामलीला को देखते हुए नई खुदाई त्योहार के बाद की जाए। इसके बावजूद मुख्य मार्गों के साथ पूजा पंडालों के आसपास भी खुदाई की जा रही है। इससे पंडालों की सजावट, प्रतिमाओं के आवागमन और श्रद्धालुओं की आवाजाही में परेशानी हो रही है।
समिति के जल निगम प्रभारी अखिलेश पाठक ने कहा कि यदि दो दिन के भीतर खुदाई से उत्पन्न समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो पूजा समितियां धरना देने को मजबूर होंगी। समिति ने उच्चाधिकारियों को भी समस्या से अवगत कराया है। साथ ही सभी दुर्गापूजा समितियों से त्योहार संपन्न होने तक नई खुदाई न होने देने की अपील की है।
समिति पदाधिकारियों ने कहा कि यदि खुदाई और खुले गड्ढों के कारण कोई हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग के अधिकारियों की होगी। इस दौरान संयोजक गगन जायसवाल, जेएन चतुर्वेदी, केशव बिगुलर, अतुल सिंह, राजेश गौड़, रोहिताश्व सिंह राजू, तारकेश्वर शर्मा, अंकुश गुप्ता, जोनल प्रमुख राजेश श्रीवास्तव, राजू जायसवाल, पवन निषाद, चंदन गुप्ता, विशाल गुप्ता वाशु, अमित कन्नौजिया और अंजनी पांडे सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।