अयोध्या। दुर्गापूजा के आयोजन में सबसे बड़ी चुनौती प्रतिमा विसर्जन को लेकर सामने आ गई है। केंद्रीय समिति के घाट निर्माण प्रभारी संजय श्रीवास्तव ने बताया कि परंपरागत विसर्जन स्थल निर्मली कुंड पर मात्र तीन फुट पानी बचा है और लगातार जलस्तर कम होता जा रहा है। विसर्जन के दिन तक यह पानी भी समाप्त हो सकता है।
उन्होंने बताया कि समिति द्वारा जिला प्रशासन से लगातार अनुरोध किया जा रहा है कि वैकल्पिक स्थल तय करके वहां घाट निर्माण का कार्य शुरू कराया जाए, लेकिन तीन दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन कोई निर्णय नहीं ले पाया है। इस कारण दुर्गा पूजा समितियों और श्रद्धालुओं के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
केंद्रीय समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि तमाम पूजा समितियां विसर्जन की जानकारी लेने के लिए संपर्क कर रही हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट व्यवस्था अब तक नहीं बताई गई है। समिति ने जनपद के जनप्रतिनिधियों से भी अपील की है कि विसर्जन स्थल पर मां सरयू का पर्याप्त और स्वच्छ जल उपलब्ध कराया जाए।
समिति पदाधिकारियों का कहना है कि किसी भी परिस्थिति में विसर्जन ऐसे स्थान पर नहीं कराया जाएगा जहां जल उपलब्ध न हो। केन्द्रीय समिति का कहना है कि कई दुर्गा पूजा समिति के पदाधिकारी यह भी कह रहे हैं कि यदि यहां पर विसर्जन के लिए अच्छी व्यवस्था नहीं मिलती है तो जिस स्थान पर भी पर्याप्त जल रहेगा वहां पर विसर्जन का कार्य किया जाएगा।