◆ जलापूर्ति, स्वास्थ्य, सड़कों और महिला सशक्तिकरण से जुड़े सुझावों पर अधिकारियों को दिए निर्देश
अयोध्या। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिले के प्रगतिशील ग्राम प्रधानों एवं प्रशासकों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित कर ग्राम पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों और जनसमस्याओं की समीक्षा की। बैठक में विभिन्न विकास खंडों से आए ग्राम प्रधानों ने अपनी पंचायतों में किए गए नवाचारों, उपलब्धियों और स्थानीय समस्याओं को जिलाधिकारी के समक्ष रखा, जिस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
विकास खंड मयाबाजार की ग्राम पंचायत डेरवा दाउदपुर के प्रतिनिधियों ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को उत्पाद निर्माण का प्रशिक्षण दिलाने तथा उनके उत्पादों के विपणन के लिए कंपनियों से जोड़ने की मांग की। इसके साथ ही आयुष्मान आरोग्य केंद्र की स्थापना, स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और किशोरियों के स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने का सुझाव दिया। इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी और उपायुक्त (स्वरोजगार) को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
विकास खंड मवई की ग्राम पंचायत कुशहरी के प्रतिनिधियों ने जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने में लापरवाही, सड़कों के पुनर्निर्माण में देरी और पेयजल आपूर्ति की समस्याएं उठाईं। जिलाधिकारी ने जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता को मौके का निरीक्षण कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में ग्राम पंचायत सरैया और सनेथू के प्रतिनिधियों ने ओएफसी केबल बिछाने के दौरान सड़क किनारे खोदे गए गहरे गड्ढों से दुर्घटना की आशंका जताई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित उप जिलाधिकारियों एवं अधिशासी अभियंताओं को प्राथमिकता के आधार पर गड्ढे भरवाकर सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ग्राम पंचायत डेरामूसी के प्रतिनिधि ने सभी ग्राम प्रधानों और प्रशासकों के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित करने का सुझाव दिया। जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को मुख्य विकास अधिकारी से समन्वय स्थापित कर प्रस्ताव पर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। साथ ही उन्होंने शासन के निर्देशानुसार ग्राम पंचायतों की संचित निधि तथा तालाबों की नीलामी एवं पट्टे से प्राप्त आय समयबद्ध तरीके से संबंधित खातों में जमा कराने के निर्देश भी दिए।
संवाद कार्यक्रम में डेरामूसी, सनेथू, विचौला, डेरवा दाउदपुर, रामपुर ग्रांट, कुशहरी, कोरोराघुपुर, रसूलपुर लिलहा और सरैया ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों ने वृक्षारोपण, स्वच्छ पेयजल, आरओ सुविधा, स्वास्थ्य सेवाओं, महिला सशक्तिकरण, सड़क निर्माण, आंगनबाड़ी और पंचायत भवन निर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों की जानकारी साझा की।
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने कहा कि ग्राम पंचायतों के समग्र विकास के लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच निरंतर संवाद आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बैठक में प्राप्त सभी सुझावों और शिकायतों पर गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण विकास योजनाओं का लाभ लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। कार्यक्रम के अंत में जिला पंचायत राज अधिकारी ने सभी ग्राम प्रधानों और प्रशासकों का आभार व्यक्त किया।