अयोध्या। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी से व्यापार अधिकार मंच के प्रतिनिधिमंडल ने संयोजक सुशील जायसवाल के नेतृत्व में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में जिला प्रभारी कमल कौशल, महानगर प्रभारी विश्व प्रकाश रूपन, उपाध्यक्ष विकास अग्रवाल, नगर संगठन मंत्री राजेश सागर, नगर उपाध्यक्ष आकाश जायसवाल, दयाल यादव एवं प्रशांत जायसवाल शामिल रहे।
मुलाकात के दौरान व्यापारियों की विभिन्न समस्याओं को जिलाधिकारी के समक्ष रखा गया। व्यापार अधिकार मंच के संयोजक सुशील जायसवाल ने ग्रामीण व्यापारियों के उत्पीड़न का बड़ा कारण बन चुके संपत्ति एवं विभव कर का मुद्दा उठाते हुए इसे अंग्रेजों के जमाने का काला कानून बताया और शासन-प्रशासन स्तर से इसे समाप्त किए जाने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल कमल कौशल एवं विश्व प्रकाश ने कहा कि उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में इस कानून को स्थगित किया जा चुका है। पड़ोसी जनपद सुल्तानपुर, बाराबंकी और बस्ती में भी यह व्यवस्था प्रभावहीन हो चुकी है, इसलिए अयोध्या के ग्रामीण व्यापारियों को भी इससे राहत मिलनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष भी व्यापार अधिकार मंच द्वारा इस मुद्दे को उठाया गया था, जिस पर मुख्यमंत्री ने स्थायी समाधान का आश्वासन दिया था।
इस दौरान सुशील जायसवाल ने रायबरेली व नाका बाईपास पर अंडरपास निर्माण की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि अंडरपास बनने से आम नागरिकों एवं श्रद्धालुओं को आवागमन में काफी राहत मिलेगी।
प्रतिनिधिमंडल की बातों को सुनते हुए जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी व्यापारियों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील दिखाई दिए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अमित कुमार भट्ट सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।