अयोध्या। दीपोत्सव 2025 के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अयोध्या में 15 अस्थायीचिकित्सालय स्थापित किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मेला क्षेत्र में व्यापक इंतजाम किए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशीलकुमारबानियान ने बताया कि दीपोत्सव के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पूर्ण सतर्कता बरती जाएगी। सभी चिकित्सालयों में आवश्यक दवाएं, पैरामेडिकल स्टाफ और विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात रहेंगे। संपूर्ण मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 10 स्थानों पर एंबुलेंस तैनात की जा रही हैं। इनमें कंट्रोल रूम, श्रीराम जन्मभूमि परिसर, श्री हनुमानगढ़ी, श्री कनक भवन, पक्का घाट, बंधा तिराहा (वीणा चौराहा), हनुमानगुफा (रामकथा संग्रहालय), साकेत पेट्रोल पंप, अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन और श्री नागेश्वरनाथ मंदिर परिसर शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि दीपोत्सव के दौरान आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए अयोध्या के तीन प्रमुख अस्पतालों में कुल 50 बेड आरक्षित किए गए हैं। राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज, अयोध्या नगर — 20 बेडजिला चिकित्सालय (पुरुष) — 20 बेड, श्रीराम चिकित्सालय — 10 बेड आरक्षित रहेंगे।
अस्थायी प्राथमिक उपचार केंद्र कंट्रोल रूम (साकेत डिग्री कॉलेज के सामने), श्रीराम जन्मभूमि निकास द्वार (दो स्थान), श्री हनुमानगढ़ी, बंधा तिराहा (विकास प्राधिकरण कार्यालय), पक्का घाट (8 बेड), श्री नागेश्वरनाथ मंदिर, साकेत पेट्रोल पंप, हनुमानगुफा (रामकथा संग्रहालय), अंतर्राष्ट्रीय बस स्टॉप, कारसेवकपुरम, दशरथ महल, अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन, कनक भवन परिसर और झनकी घाट पर स्थापित किए जा रहे हैं।
अमेठी, अंबेडकरनगर, बाराबंकी और सुल्तानपुर जिलों से विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीमें भी दीपोत्सव के दौरान अयोध्या में रहेंगी। ये टीमें विभिन्न स्थलों पर तैनात रहकर श्रद्धालुओं को त्वरित स्वास्थ्य सहायता प्रदान करेंगी।
दीपोत्सव 2025 के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस बार दीपोत्सव पूरी तरह सुरक्षितऔरव्यवस्थितवातावरण में संपन्न कराने का लक्ष्य रखा गया है।