अयोध्या। श्री अनंत इंटर कॉलेज खपराडीह में प्रवक्ता पद पर नियुक्ति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक पत्र ने मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है। पत्र के अनुसार, शिकायतकर्ता अमित सिंह की शिकायत पर शासन ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर मामले की जांच के आदेश दिए हैं, जिसमें वीरेंद्र बहादुर सिंह की नियुक्ति को चुनौती दी गई है।
वीरेंद्र बहादुर सिंह ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें अब तक किसी भी जांच समिति द्वारा न तो कोई सूचना दी गई है और न ही औपचारिक रूप से जांच में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से ही पत्र देखा है।
वीरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि उनकी नियुक्ति के संबंध में सितंबर 2003 में उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्ति तिथि से वेतन भुगतान का आदेश दिया गया था, और फरवरी 2014 में मामला निस्तारित हो चुका है। उन्होंने बताया कि बाद में संयुक्त शिक्षा निदेशक द्वारा विनियमितीकरण निरस्त किए जाने पर पुनः याचिका दाखिल की गई, जिस पर फरवरी 2023 में हाईकोर्ट ने उन्हें कार्य जारी रखने और वेतन भुगतान का आदेश दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि वे एक राजनीतिक व्यक्ति हैं और इसी कारण कुछ लोग ईर्ष्यावश बार-बार झूठी शिकायतें कर रहे हैं। सिंह ने कहा कि उच्च न्यायालय के दो स्पष्ट आदेश उनके पक्ष में हैं और वह पूरी कानूनी प्रक्रिया के तहत नियुक्त हुए हैं।