◆ अयोध्या-फैजाबाद पुस्तक मेले के पुरस्कार वितरण समारोह में प्रतिभागियों और प्रकाशकों को किया गया सम्मानित
अयोध्या। अपने आचरण से पिता को तृप्त करना ही पुत्र का धर्म है। दर्पण श्रृंगार करना नहीं सिखाता, बल्कि व्यक्ति के रूप को प्रतिबिंबित करता है। जीवन में संकल्प को निर्बाध रूप से निभाना महत्वपूर्ण है और इसी से व्यक्ति के मूल्यबोध का निर्धारण होता है। यह विचार सिद्धपीठ हनुमन्निवास के महंत आचार्य मिथिलेशनंदिनी शरण ने व्यक्त किए। वह नारायण दास खत्री मेमोरियल ट्रस्ट के संयोजन में आयोजित अयोध्या-फैजाबाद पुस्तक मेले के पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
आचार्य मिथिलेशनंदिनी शरण ने कहा कि पुस्तकों का अस्तित्व मनुष्य के समकालीन रहा है। मनुष्य ने स्वयं को उस दिन मनुष्य के रूप में प्रमाणित किया होगा, जिस दिन उसने पुस्तक को हाथ में लिया होगा। वेदों में ब्रह्मा के हाथ में वेदों का चित्रण भी मनुष्य और पुस्तकों के प्राचीन संबंध की ओर संकेत करता है। उन्होंने कहा कि जीवन में संकल्प लेना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे पूरी निष्ठा के साथ निभाना भी जरूरी है। संकल्प के प्रति हमारी प्रतिबद्धता ही जीवन के मूल्यबोध को निर्धारित करती है।
उन्होंने पुस्तक मेले में आयोजित प्रतियोगिताओं की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियां बच्चों की कल्पनाशीलता और रचनात्मक क्षमता को सामने लाती हैं। प्रतियोगिताओं के माध्यम से यह भी पता चलता है कि नई पीढ़ी की कल्पनाएं आकार ले रही हैं और बच्चे राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपने केंद्र से विचलित व्यक्ति या समाज अपने अंतर्द्वंद्व को समाप्त नहीं कर पाता। आचार्य ने आयोजन के लिए पूर्व सांसद डॉ. निर्मल खत्री और ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष राजकुमार खत्री के योगदान की सराहना की।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि मंजुला झुनझुनवाला ने कहा कि पुस्तकें मनुष्य की सोच को व्यापक बनाती हैं। वे ज्ञान बढ़ाने के साथ विचारों को समृद्ध करती हैं और समाज को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
समारोह स्थल पर पहुंचने पर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष राजकुमार खत्री ने आचार्य मिथिलेशनंदिनी शरण और लक्ष्मणकिला के महंत मैथिलीरमण शरण का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। इसके बाद कोषाध्यक्ष राजकुमार खत्री और मेला प्रभारी रीता खत्री ने मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों को स्मृतिचिह्न प्रदान किए। पुस्तक मेले में सहभागी प्रतिष्ठित प्रकाशनों को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में संयोजिका नमिता मेहरोत्रा, डॉ. रजनीश वर्मा, राकेश केसरवानी, प्रभात टंडन, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रताप सिंह, अधिवक्ता अतीक अहमद, अधिवक्ता अंकित तिवारी, करुणेश श्रीवास्तव, राजकुमार पांडेय, पुनीत मेहरोत्रा, उग्रसेन मिश्र, अभिनव राजे, कुशाग्र मेहरोत्रा, अमित सिंह और दीपक सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। इनरव्हील क्लब अयोध्या, रोटरी क्लब अयोध्या, श्री अग्रवाल महिला सभा और मेसोनिक लॉज अयोध्या के प्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमियों एवं गणमान्य नागरिकों ने समारोह में सहभागिता की।