Home Ayodhya/Ambedkar Nagar अयोध्या फतेहगंज ओवरब्रिज पर चाइनीज मांझे से अयोध्या समाचार के छायाकार बेटी समेत...

फतेहगंज ओवरब्रिज पर चाइनीज मांझे से अयोध्या समाचार के छायाकार बेटी समेत घायल

0

अयोध्या। प्रशासनिक प्रतिबंध और अभियान के दावों के बावजूद अयोध्या की सड़कों पर मौत का चाइनीज मांझा खुलेआम उड़ रहा है। मंगलवार रात इसका शिकार इस बार अयोध्या समाचार के छायाकार सुदीप्त भौमिक और उनकी बेटी बने। दोनों फतेहगंज ओवरब्रिज से कार्यालय की ओर आ रहे थे कि अचानक सड़क पर फैला चाइनीज मांझा उनके गले से टकरा गया। मंझे की धार से दोनों के गले पर कट के निशान पड़ गए, जबकि बाइक भी अनियंत्रित होकर लड़खड़ा गई। गनीमत रही कि सुदीप्त भौमिक ने सूझबूझ दिखाते हुए बाइक संभाल ली, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।

घटना के बाद दोनों को तत्काल एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई। इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब चाइनीज मांझे की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध है, तो आखिर यह जानलेवा मांझा शहर में खुलेआम बिक कैसे रहा है?

पंतग उड़ाने वाले बच्चे इसके कहीं फंस जाने के बाद उसे वैसे ही छोड़ देते हैं और चाइनीज मांझे हवा में वैसे ही लहराते रहते हैं। ये मांझे सड़क से जा रहे बाइक सवारों के गले व हाथों से उलझ जाते हैं जिसके चलते इनके गले व हाथ में गहरे जख्म हो जाते हैं। जरा सी असावधानी होते ही ये इतने घातक हो जाते हैं कि लोगों की जान पर बन आती है।


कई हादसे, फिर भी कार्रवाई बेअसर


यह पहला मामला नहीं है। कुछ दिन पहले पुलिस लाइन परेड ग्राउंड से रैतिक परेड समाप्त कर लौट रहे कांस्टेबल कप्तान सिंह मकबरा स्थित हैप्पी नर्सिंग होम के सामने चाइनीज मांझे की चपेट में आ गए थे। उनकी नाक और गाल गंभीर रूप से कट गए थे और उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इसके अलावा बलरामपुर के रेहरा बाजार थाना क्षेत्र के मनकापुर निवासी 26 वर्षीय अजय सिंह भी रीडगंज ओवरब्रिज पर बाइक से जाते समय चाइनीज मांझे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हुए थे। स्थानीय लोगों ने उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाकर जान बचाई थी। चाइनीज मांझों मे तेज धार के साथ रासायनिक कोटिंग भी होती है जो हादसे का सबब बनता चला जा रहा है। इतना होने के बाद प्रशासन के ढुलमुल रवैया के चलते दुकानों पर धड़ल्ले से चाइनीज मांझे बिक रहे हैं।


अभियान चला, लेकिन बाजार तक क्यों नहीं पहुंची कार्रवाई?


कई हादसों के बाद सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी के नेतृत्व में चाइनीज मांझे के खिलाफ जनवरी में अभियान चलाया गया था। लेकिन अभियान के बाद भी शहर में प्रतिबंधित मांझे की बिक्री नहीं रुकी। इस सीओ सिटी श्रीयश त्रिपाठी ने बताया कि चायनीज मांझे को खरीदना बेचना प्रतिबंधित है। इसपर पूर्व में अभियान चलाया गया था। पुन व्यापक तौर पर अभियान चलाया जाएगा। इसको बेचने वालों पर विधिक कार्यवाही की जाएगी।

सवाल यह है कि यदि बिक्री बंद हुई होती तो एक के बाद एक लोग इसकी चपेट में कैसे आते? शहर में मांझे से हो रही घटनाएं यह संकेत दे रही हैं कि कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। प्रशासन अब तक यह पता लगाने में नाकाम रहा है कि प्रतिबंधित चाइनीज मांझा किन दुकानों और किन माध्यमों से बाजार तक पहुंच रहा है। जब तक इसकी सप्लाई चेन पर कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक अभियान और प्रतिबंध केवल कागजी साबित होंगे और आम नागरिकों की जान जोखिम में पड़ती रहेगी।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version