अम्बेडकर नगर। जनपद में किसानों को कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला कृषि विभाग ने आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर दी हैं। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में जनपद में यूरिया एवं फास्फेटिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसानों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने बताया कि जून माह तक यूरिया के 7,135 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 27,068 मीट्रिक टन, डीएपी के 2,650 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 5,874 मीट्रिक टन, एनपीके के 484 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 3,566 मीट्रिक टन, एसएसपी के 3,427 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 16,986 मीट्रिक टन तथा एमओपी के 296 मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 154 मीट्रिक टन उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
वितरण के बाद वर्तमान में सहकारिता एवं निजी क्षेत्र में संयुक्त रूप से यूरिया 21,594 मीट्रिक टन, डीएपी 4,354 मीट्रिक टन, एनपीके 3,116 मीट्रिक टन, एसएसपी 15,163 मीट्रिक टन तथा एमओपी 122 मीट्रिक टन उपलब्ध है।
जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि जिन किसानों की फॉर्मर रजिस्ट्री अभी तक नहीं हुई है, वे पंचायत सहायक, जन सेवा केंद्र अथवा कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों से संपर्क कर जल्द से जल्द अपनी फॉर्मर रजिस्ट्री करवा लें, ताकि उर्वरक प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उर्वरक विक्रेताओं को सख्त निर्देश
कृषि विभाग द्वारा सभी फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि उर्वरकों की बिक्री केवल किसान पहचान पत्र एवं फॉर्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही की जाए। साथ ही शाम छः बजे के बाद किसी भी प्रकार के उर्वरक की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
यदि कोई निजी अथवा सहकारी उर्वरक विक्रेता शाम छः बजे के बाद उर्वरक बेचते हुए पाया जाता है, तो उसकी बिक्री प्रतिबंधित करते हुए उसके विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।
उर्वरकों से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या अथवा शिकायत के त्वरित समाधान के लिए जिला कृषि अधिकारी कार्यालय, में उर्वरक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।