अयोध्या। काकोरी एक्शन की शताब्दी (1925–2025) के अवसर पर काकोरी कांड के महानायक अमर शहीद अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ के शहादत दिवस पर शुक्रवार को शहीद भगतसिंह स्मृति ट्रस्ट के तत्वावधान में ‘याद करो कुर्बानी मार्च’ निकाला गया। यह मार्च प्रातः 11:30 बजे पुष्पराज चौराहे से शुरू होकर फ़ैज़ाबाद जेल तक पहुंचा।
मार्च के दौरान प्रतिभागियों ने इंकलाबजिंदाबाद, क्रांतिकारीपरंपराजिंदाबाद, सांझीशहादत–सांझीविरासतजिंदाबाद, शहीदतेरेअरमानोंकोमंज़िलतकपहुंचाएंगे और काकोरीकेअमरशहीदोंकोलालसलाम जैसे नारे लगाए। बड़ी संख्या में बुद्धिजीवियों, लेखकों, संस्कृतिकर्मियों और समाजसेवियों ने इसमें सहभागिता की। मार्च के समापन पर कारागार परिसर में स्थित शहीद अशफ़ाक़ उल्ला ख़ाँ की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर शहीद भगतसिंह स्मृति ट्रस्ट के चेयरमैन सत्यभान सिंह ‘जनवादी’ ने कहा कि यह ट्रस्ट द्वारा आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रमों का समापन दिवस भी है। उन्होंने कहा कि काकोरी कांड के अमर शहीदों के बलिदान को स्मरण करना और उनकी क्रांतिकारी चेतना को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आज की आवश्यकता है।
कवि-लेखक डॉ. विशाल श्रीवास्तव ने कहा कि आज़ादी की लड़ाई के मूल्यों, धर्मनिरपेक्षता, समानता और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष करने वाले क्रांतिकारियों को याद करना हमारी सामूहिक ज़िम्मेदारी है। कवि-चिंतक आर.डी. आनंद ने नई पीढ़ी को क्रांतिकारियों के जीवन और समर्पण से सीख लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बाबूराम गौड़, रामदास सरल, पूजा श्रीवास्तव, रामदुलारे बौद्ध, शिवधर द्विवेदी, शशिकांत, अखिलेश सिंह, महावीर पाल सहित अनेक सामाजिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।