अम्बेडकर नगर। जिला कारागार में निरुद्ध एक बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे जनपद को झकझोर कर रख दिया। जेल के भीतर आत्महत्या की इस घटना को लेकर जहां प्रशासनिक हलकों में खलबली मची है, वहीं मृतक के परिजनों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। मामले को लेकर जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार भीटी थाना क्षेत्र के वेनीपुर गांव निवासी सुशील तिवारी जिला कारागार में बंद था। बुधवार को उसने बैरक संख्या 18 के बाथरूम में गमछे के सहारे फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना का पता चलते ही जेल प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई और संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे।
मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शव को एंबुलेंस से पैतृक गांव वेनीपुर ले जाया गया। जैसे ही शव घर पहुंचा, वहां कोहराम मच गया। पत्नी व अन्य परिजन शव से लिपटकर दहाड़ें मारकर रोने लगे। परिजनों की चीत्कार से गांव का माहौल गमगीन हो गया और हर आंख नम नजर आई।
मृतक के पिता अशोक तिवारी ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बेटे की आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या की गई है। उन्होंने दोषियों को सजा दिलाने के लिए उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की बात कही और निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका कहना है कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक वे चुप नहीं बैठेंगे।उधर, उपजिलाधिकारी भीटी मौके पर पहुंचे और शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और शासन स्तर से जो भी सहायता संभव होगी, उसे दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
वहीं जेल अधीक्षक ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है, हालांकि परिजनों के आरोपों को भी गंभीरता से लिया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया है, लेकिन परिजनों की शिकायत के आधार पर जांच प्रक्रिया तेज कर दी गई है। घटना को लेकर जिले में तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं और लोग सच्चाई सामने आने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।