अयोध्या। जिला अस्पताल में एक मरीज के हाथ-पैर बांधकर किए गए इलाज की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। वायरल फोटो में मरीज के पास खाना रखा दिखाई दे रहा था। मामले ने गंभीर रूप ले लिया तो अपरनिदेशकस्वास्थ्यडॉ. बृजेशचौहान ने जिला अस्पताल पहुंचकर जांच की।
जानकारी के मुताबिक, बीकापुरकेसरायधनौलीनिवासी 45 वर्षीयसालिगराम को पेट दर्द और शुगर की समस्या के चलते कुछ दिन पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बताया गया कि इलाज के दौरान वह मानसिकरूपसेअस्थिरऔरस्टाफकेप्रतिआक्रामकव्यवहार कर रहा था, जिसके चलते किसी कर्मचारी ने सुरक्षा के मद्देनजर उसके हाथ-पैर बांध दिए।
बाद में उसकी स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे मेडिकलकॉलेजरेफर कर दिया। परिजनों ने वहां से मरीज को स्वेच्छासेडिस्चार्जकराकरलखनऊलेजानेकानिर्णय लिया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
मरीज के भाई जगतराम ने बताया कि वे दिल्ली में थे। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर देखकर उन्हें पूरे मामले की जानकारी मिली। अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि सालिगराम को पहले जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था, फिर मेडिकल कॉलेज भेजा गया और वहां से परिवार उसे लेकर निकला था।
इस बीच एसआईसीडॉ. राजेशसिंह ने घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है। वहीं, मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर प्रभारी डॉ. विनोदआर्या ने बताया कि मरीजकोअर्धविक्षिप्तअवस्थामेंलायागयाथा।पेटमेंचोटऔरशुगरकेउतार–चढ़ावकीसमस्याथी।बादमेंपरिजनस्वयंउसेलखनऊलेगए। मामले ने जिला अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारी जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कह रहे हैं।