अयोध्या। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी द्वारा जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देशों का असर अब मौके पर दिखाई देने लगा है। बीकापुर क्षेत्र के सटकपुर गयासपुर निवासी की सरकारी चकमार्ग की पैमाइश और मिट्टी पटाई की शिकायत की जांच में लापरवाही सामने आने पर तत्कालीन लेखपाल गिरीश कुमार को निलंबित कर दिया गया। वहीं चकमार्ग की निशानदेही कराकर उस पर मिट्टी पटाई का कार्य भी शुरू करा दिया गया।
जांच में पाया गया कि गयासपुर स्थित संबंधित गाटा अभिलेखों में चकमार्ग के रूप में दर्ज है, लेकिन मौके पर चकदारों ने खेत में मिलाकर चकमार्ग पर कब्जा कर रखा था। शिकायत सही पाए जाने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए चकमार्ग को दुरुस्त कराने की प्रक्रिया शुरू कराई।
इसी क्रम में तहसील सोहावल के खिरौनी निवासी की शिकायत पर चकमार्ग की पैमाइश कराकर नगर पंचायत खिरौनी द्वारा मिट्टी पटाई कराई गई। बीकापुर के रूरूखास में पट्टे की भूमि पर अवैध कब्जा हटाकर आवेदिका को कब्जा-दखल दिलाया गया। कोरो राघवपुर में भूमि विवाद में संयुक्त टीम ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया और मौके पर सीमा निर्धारित कर खूंटा गड़वाया गया।
सदर तहसील के कादीपुर में चकमार्ग पर मिट्टी पटाई कराई गई, जबकि सोहावल के बनबीरपुर में रास्ते पर किया गया अतिक्रमण हटवाकर उसे कब्जामुक्त कराया गया।
खपराडीह निवासी की शिकायत पर पछियाना में नवीन परती की सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को भी हटाया गया। जांच में सरकारी भूमि पर गन्ने की फसल लगाकर आंशिक कब्जा किए जाने की पुष्टि हुई थी। राजस्व टीम ने मौके पर ट्रैक्टर से जुताई कराकर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया।
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण प्रशासन की प्राथमिकता है। शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता मिलने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।