अयोध्या। नित्य श्रीरामजन्मभूमि समवेत रामकोट परिक्रमा की वर्षगांठ के अवसर पर आगामी 21 अगस्त को आयोजित होने वाली भव्य एवं दिव्य परिक्रमा की तैयारियों को लेकर रविवार को बिड़ला धर्मशाला सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में संत, महंत और रामभक्त शामिल हुए तथा आयोजन को सफल बनाने की रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक का आयोजन डॉ. अनिल मिश्रा के आह्वान पर किया गया, जबकि इसकी अध्यक्षता श्रीराम बल्लभाकुंज के अधिकारी महंत राजकुमार दास ने की। उन्होंने कहा कि अयोध्या सदैव हनुमानजी की कृपा से सुरक्षित रही है और रामकोट परिक्रमा का धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व अत्यंत विशेष है। उन्होंने बताया कि प्राचीन काल से संत-महात्मा इस अंतर्ग्रही परिक्रमा का नियमित रूप से पालन करते रहे हैं। परिक्रमा मार्ग में रामजन्मभूमि, हनुमानगढ़ी, कनक भवन सहित 108 प्रमुख धार्मिक स्थल आते हैं, जिनके दर्शन से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है।
डॉ. अनिल मिश्रा ने कहा कि श्रीरामजन्मभूमि मंदिर पर हुए आतंकी हमले के बाद संतों के मार्गदर्शन में भारतीय संस्कृति और महाराजा विक्रमादित्य द्वारा स्थापित अयोध्या की गौरवशाली परंपरा को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से इस परिक्रमा की शुरुआत की गई थी। उन्होंने बताया कि भव्य श्रीरामजन्मभूमि मंदिर निर्माण के बाद प्रतिदिन सुबह साढ़े पांच बजे संतों के नेतृत्व में नित्य रामकोट परिक्रमा का आयोजन नियमित रूप से किया जा रहा है, जिसमें देशभर से आने वाले श्रद्धालु भी सहभागिता कर रहे हैं।
बैठक में संत रमेश दास, शशिकांत दास, राघवेश दास वेदांती, रामशरण रामायणी, जानकी दास, सीताराम दास तथा पूर्व महानगर अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा सहित अन्य वक्ताओं ने 21 अगस्त को आयोजित होने वाली वर्षगांठ परिक्रमा को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया। उन्होंने अधिक से अधिक रामभक्तों से परिक्रमा में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की।
कार्यक्रम का संचालन पूर्व डीजीसी राम कुमार राय ने किया। बैठक में भाजपा महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव, नरेंद्र, सुशील जायसवाल, आशीष अग्रवाल, रामसंजीवन मिश्रा, डॉ. आर.पी. पांडेय, बृजकिशोर पांडेय, पंकज गुप्ता, अरुण अग्रवाल, शैलेंद्र सोनी, आकाश जायसवाल, रेनू मिश्रा, भारती सिंह, अंकित त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में संत, सामाजिक कार्यकर्ता और रामभक्त उपस्थित रहे।