बसखारी, अंबेडकर नगर। किराए के मकान में रह रही नवविवाहित का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने के मामले में बसखारी पुलिस ने मंगलवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं सोमवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नवविवाहिता के शव का अंतिम संस्कार महादेवा घाट पर कर दिया गया। बता दे कि बसखारी थाना क्षेत्र के दशरैचा निवासिनी शुभम अपनी पत्नी रंजीता (20) के साथ बसखारी में स्थित एक मकान में किराए पर रह रहे थे। बताया जाता है कि रंजीता और शुभम ने प्रेम के मोहजाल में फंसकर शादी की थी।मामले में रंजीता के परिजनों ने शुभम के विरुद्ध अपहरण का मुकदमा पंजीकृत कराया था। मामले में पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत करने के बाद शुभम को गिरफ्तार कर रंजीता को बरामद कर लिया था। तत्पश्चात पुलिस ने रंजीता को नारी निकेतन व शुभम को जेल भेज दिया था। लेकिन परिजनों ने समझौता कर लिया तथा शुभम व रंजीता विवाह करके बसखारी में चंद्रिका यादव के मकान में किराए पर रहने लगे। जिससे उनकी एक बेटी भी हुई थी। रविवार की सुबह पति शुभम के द्वारा रंजीता के फांसी लगाने की बात बता कर शव को समुदायिक स्वस्थ केन्द्र बसखारी ले जाया गया,जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।रंजीत की मौत की जानकारी मिलते ही उसके मायके से भारी संख्या में लोग सीएचसी बसखारी पहुंच गये तथा पति तथा उसके परिजनों पर दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की।रंजीता की भाभी के प्रार्थना पत्र पर पति शुभम ,ससुर चंद्रिका यादव, सास उषा देवी व दादी सास लल्ली देवी के विरुद्ध दहेज हत्या के आरोप में मुकदमा पंजीकृत कर बसखारी पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई थी। कि इसी बीच मंगलवार की सुबह मृतका के आरोपी पति शुभम यादव पुत्र चंद्रिका यादव, ससुर चंद्रिका यादव पुत्र स्वर्गीय राजित राम निवासी दशरैचा को गिरफ्तार कर जरूरी कानूनी कार्रवाई करते हुए न्यायालय में प्रस्तुत किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।इस संबंध में थानाध्यक्ष सुनील कुमार पांडेय ने बताया कि मामले में दहेज हत्या के आरोपी पति व ससुर को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है जबकि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।