अयोध्या। युवाओं में बढ़ते मानसिक तनाव, असफल प्रेम संबंध और सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव आत्महत्या के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी का कारण बन रहे हैं। यह बात जिला चिकित्सालय के मनोपरामर्शदाता डॉ. आलोक मनदर्शन ने नवल्स नेशनल अकादमी में आयोजित युवा मनोजागरूकता कार्यशाला में कही। कार्यक्रम का आयोजन प्रिंसिपल अपूर्वा चतुर्वेदी के संयोजन में किया गया, जिसमें विद्यालय की शिक्षिकाओं एवं स्टाफ ने प्रतिभाग किया।
डॉ. आलोक ने बताया कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार उत्तर प्रदेश में असफल प्रेम संबंधों के कारण आत्महत्या के मामलों में पिछले पांच वर्षों में चार गुना वृद्धि हुई है। वर्ष 2020 में जहां ऐसे 283 मामले सामने आए थे, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 1120 हो गई। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर आत्महत्या से पहले वीडियो बनाना या लाइव स्ट्रीमिंग करना भी चिंताजनक रूप से बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि किशोर और युवा अक्सर प्यार, आकर्षण और हवस के बीच अंतर नहीं समझ पाते। बढ़ती फिजिकल फ्रेंडशिप, नशे का बढ़ता चलन और सोशल मीडिया का दबाव मानसिक अस्थिरता को बढ़ा रहा है।
डॉ. आलोक ने बताया कि आत्महत्या रोकने के लिए लोगों को भावनात्मक सहयोग, परामर्श और सकारात्मक माहौल देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और समय पर परामर्श से कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।