अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कौटिल्य प्रशासनिक सभागार में नैक मूल्यांकन को लेकर कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मूल्यांकन की तैयारियों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए विभिन्न मानदंडों पर गहन चर्चा की गई।
कुलपति ने एट्रीब्यूट एक से लेकर ग्यारह तक के बिंदुओं का सघन परीक्षण करते हुए संबंधित संयोजकों को साक्ष्यों के अद्यतन एवं प्रमाणित डेटा तैयार करने के निर्देश दिए। इस दौरान रिसर्च पब्लिकेशन, शोध की गुणवत्ता, कैप्शन सहित फोटोग्राफ, रिसर्च फेलोशिप, विभिन्न संस्थाओं के साथ एमओयू, उन्नत भारत अभियान, एनआईआरएफ, आईपीआर, ग्रीन ऑडिट एवं अन्य शोध गतिविधियों की समीक्षा की गई।
उन्होंने कहा कि नैक में बेहतर अंक प्राप्त करने के लिए सभी मानदंडों का सूक्ष्म परीक्षण आवश्यक है। साथ ही परिसर को स्वच्छ एवं हरित बनाए रखने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। कुलपति ने सभी एट्रीब्यूट संयोजकों को 10 मई तक फाइनल ड्राफ्ट तैयार कर अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
कुलपति ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी डेटा निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार कर प्रमाणित प्रपत्रों के साथ संलग्न किया जाए, ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया में किसी प्रकार की कमी न रह जाए।
बैठक में कुलसचिव विनय कुमार सिंह, वित्त अधिकारी पूर्णेन्दु शुक्ल, प्रो. एस एस मिश्र, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. नीलम पाठक, प्रो. सी के मिश्र, प्रो. आशुतोष सिन्हा, प्रो. अनुप कुमार, प्रो. शैलेंद्र कुमार वर्मा, प्रो. शैलेंद्र कुमार, डॉ. पी के द्विवेदी, डॉ. अवध नारायण, डॉ. विनोद कुमार चौधरी, डॉ. नवीन वर्मा, डॉ. अनुराग सिंह, डॉ. महिमा चौरसिया, ई. शांभवी शुक्ला, ई. शोभित श्रीवास्तव, डॉ. मनीषा यादव, गिरीश पंत सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।