अयोध्या। जिला अस्पताल में गैर संचारी रोगों (एनसीडी) के उपचार के लिए प्रस्तावित क्लीनिक की स्थापना का मामला करीब डेढ़ साल से आगे नहीं बढ़ सका है। सीएमओ कार्यालय की पहल पर शुरू हुआ यह प्रस्ताव शुरुआती चर्चा के बाद ठहर गया, जिससे मरीजों को मिलने वाली संभावित राहत फिलहाल अधूरी रह गई है।
सूत्रों के अनुसार, प्रस्ताव आने के बाद तत्कालीन सीएमएस और एनसीडी के नोडल अधिकारी के बीच बातचीत भी हुई थी और अस्पताल परिसर में इसके लिए उपयुक्त स्थान की तलाश शुरू की गई थी। हालांकि, इसके बाद कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी। एनसीडी के अंतर्गत उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग और अन्य गैर संक्रामक बीमारियां शामिल होती हैं, जिनके मरीजों को निरंतर निगरानी और नियमित उपचार की आवश्यकता होती है।
जिला अस्पताल में इन बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि उपचार के लिए संसाधन सीमित हैं। वर्तमान में केवल एक फिजीशियन, डॉ. प्रशांत द्विवेदी, पर ओपीडी और भर्ती मरीजों का पूरा भार है, जिससे मरीजों को समय पर समुचित इलाज मिलना चुनौती बनता जा रहा है।
एनसीडी क्लीनिक शुरू होने की उम्मीद ने एक समय मरीजों और अस्पताल प्रशासन को राहत की आस दी थी, लेकिन योजना के लंबित रहने से यह उम्मीद धुंधली पड़ गई है। एनसीडी के नोडल अधिकारी डॉ. बीएन यादव के अनुसार, इस संबंध में मुख्यालय से अब तक कोई नया दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि गैर संचारी रोगों के बढ़ते मामलों को देखते हुए ऐसे क्लीनिक की स्थापना बेहद जरूरी है। इससे मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श, नियमित जांच और जीवनशैली में सुधार संबंधी मार्गदर्शन एक ही स्थान पर मिल सकेगा, जिससे इन बीमारियों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।