अयोध्या। साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले दो आरोपियों को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर विभिन्न बैंकों में खाते खोलकर उन्हें साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे। पुलिस को उम्मीद है कि गिरफ्तारी के बाद साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। साइबर क्राइम थाना प्रभारी मो. अरशद ने बताया कि जिले में फर्जी तरीके से बैंक खाता खुलवाए जाने की सूचना मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू की थी। लगातार निगरानी और सर्विलांस के दौरान आरोपियों की गतिविधियों का पता चला। इसके बाद पुलिस टीम ने डाभासेमर बीज गोदाम के पास से दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास मिश्रा और विनय कुमार दूबे निवासी रोहिणी, नई दिल्ली के रूप में हुई। विनय मूल रूप से गोण्डा जनपद का निवासी है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी आधार और पैन कार्ड में नाम व अन्य विवरण बदलकर फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे। इसके बाद इन दस्तावेजों के आधार पर विभिन्न बैंकों में चालू और बचत खाते खुलवाते थे। इन खातों से जुड़े चेकबुक, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज साइबर ठगों को उपलब्ध कराकर कमीशन लेते थे।
पुलिस अधीक्षक ग्रामीण बलवंत चौधरी ने बताया कि आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में साइबर अपराध से जुड़ा सामान बरामद हुआ है। इनमें आठ मोबाइल फोन, 32 एटीएम कार्ड, 15 आधार कार्ड, आठ पैन कार्ड, 17 चेकबुक, 15 पासबुक, 13 बैंक लेटर, एक लैपटॉप, पांच पेमेंट बारकोड, स्वाइप मशीन व अन्य सामग्री शामिल है। उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र और दिल्ली में भी मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल साइबर थाना अयोध्या में भी इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।