अयोध्या । डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के व्यवसाय प्रबंधन एवं उद्यमिता विभाग की ओर से शनिवार को “अयोध्या में सतत पर्यटन प्रथाएँ” विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता लखनऊ विश्वविद्यालय की पर्यटन शिक्षाविद् डॉ. अनुपमा श्रीवास्तव रहीं।
डॉ. अनुपमा श्रीवास्तव ने कहा कि अयोध्या जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर में सतत पर्यटन को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि पर्यटन के विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय संस्कृति का संरक्षण और स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सतत पर्यटन से प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा होती है तथा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं।
कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो. शैलेन्द्र कुमार वर्मा ने मुख्य वक्ता का स्वागत करते हुए कहा कि अयोध्या की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहचान को देखते हुए यहाँ पर्यटन के विकास में सततता और जिम्मेदार पर्यटन प्रबंधन को प्राथमिकता देना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को पर्यटन क्षेत्र में शोध, नवाचार और कौशल विकास के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर पर्यटन प्रबंधन के समन्वयक डॉ. महेंद्र पाल सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यटन के विकास के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति, पर्यावरण और सामाजिक संतुलन को बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को सतत पर्यटन के सिद्धांतों को व्यवहार में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. अंशुमान पाठक ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर डॉ. राकेश कुमार, डॉ. आशुतोष पांडेय सहित विभाग के अन्य शिक्षक व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।