अयोध्या। देश की पहली डिजिटल जनगणना–2027 की प्रारम्भिक तैयारियों और कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने की।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि/रा) एवं जिला जनगणना अधिकारी अमित कुमार भट्ट, जनगणना कार्य निदेशालय लखनऊ के प्रतिनिधि शैलेन्द्र यादव, अपर नगर आयुक्त सुमित कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी लाल चन्द्र, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी दिग्विजय सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी सहित सभी तहसीलदार व अधिशासी अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में जनगणना-2027 की प्रक्रिया, तकनीकी व्यवस्था और जिम्मेदारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिनिधि शैलेन्द्र यादव ने बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी। स्वगणना की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी, जिसमें नागरिक स्वयं एसईआईडी के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
निर्देशों के अनुसार जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। प्रथम चरण में मई-जून 2026 के दौरान मकान सूचीकरण और भवनों की गणना की जाएगी। द्वितीय चरण में फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना का कार्य होगा। इस चरण में व्यक्तियों के जाति संबंधी आंकड़े भी एकत्र किए जाएंगे।
बताया गया कि उत्तर प्रदेश में जनगणना कराने की अधिसूचना राज्य गजट में प्रकाशित हो चुकी है और प्रशासनिक स्तर पर सभी विभागों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को तकनीकी प्रशिक्षण, संसाधनों की उपलब्धता और समयसीमा के भीतर कार्य संपन्न कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।