अम्बेडकर नगर। निराश्रित गोवंश के संरक्षण, समुचित देखभाल एवं व्यवस्थाओं की सतत निगरानी को लेकर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को परियोजना अधिकारी डीआरडीए अनिल कुमार सिंह एवं मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने जनपद के विभिन्न विकास खण्डों में संचालित गौशालाओं का भौतिक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कसड़हा गौशाला, रामनगर में काऊ कोट में आग लगने की घटना सामने आई, जिसमें दो गोवंश झुलस गए। अधिकारियों ने तत्काल घायल गोवंशों के उपचार के निर्देश दिए, जिस पर पशु चिकित्सकों द्वारा इलाज शुरू कराया गया। प्रथम दृष्टया घटना के लिए केयरटेकर की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित केयरटेकर को हटाकर अन्य की तैनाती हेतु खण्ड विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया। साथ ही गौशाला में हरा चारा एवं पशु आहार की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए गए।
इसके पश्चात अधिकारियों ने केंद्रुपुर (जहांगीरगंज), पड़रिया फौलादपुर (विकास खण्ड बसखारी) एवं अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल मकोइया का निरीक्षण किया। केंद्रुपुर गौशाला में सभी गोवंश स्वस्थ पाए गए तथा हरा चारा एवं पशु आहार की उपलब्धता संतोषजनक रही। हालांकि गौशाला परिसर के मध्य स्थित तालाब के जीर्णोद्धार की आवश्यकता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
पड़रिया फौलादपुर गौशाला में हरे चारे की कमी पाए जाने पर ग्राम पंचायत सचिव को तत्काल पर्याप्त व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही कमजोर एवं बीमार गोवंशों की विशेष देखभाल एवं समुचित उपचार सुनिश्चित करने को कहा गया। मकोइया गौशाला में सभी व्यवस्थाएं सुचारु पाई गईं और कोई गोवंश बीमार नहीं मिला।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गौशालाओं में गोवंश की सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।